कानून व्यवस्था पर CM की दो टूक, ‘शांति के टापू में अपराध बर्दाश्त नहीं करूंगा’

कानून व्यवस्था पर CM की दो टूक, ‘शांति के टापू में अपराध बर्दाश्त नहीं करूंगा’

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच लॉकडाउन (Lockdown) हटने के बाद बढ़ते अपराधों के ग्राफ को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh CHauhan) ने सख्ती दिखाई है| शनिवार को लॉ एंड आर्डर (Law and Order) को लेकर बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग में सीएम शिवराज ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है, यहां अपराध बर्दाश्त नहीं करूँगा| उन्होंने कहा अपराधियों को क्रश करे, अपराधियो में पुलिस का ख़ौफ़ रहे| बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आईजी, डीआईजी, एसपी कलेक्टर समेत तमाम अधिकारियों की मौजूदगी रही|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों का कहा बदमाशो की सूची बनाइये, ये समाज के दुश्मन है, इन पर कार्रवाई करने में कोई भी संकोच न हो| पुलिस का कोई भी व्यक्ति इनका मित्र न हों| अपराधी चिन्हित कर इन पर कार्रवाई करने विशेष अभियान चले| बिना किसी दवाब के काम करे| सीएम ने यह भी कहा कि घटना हुई तो टीआई थानेदार नहीं आप भी जिम्मेदार है| किसी की चिंता न करे, कोई अपराधियों को संरक्षण न दे । जो देगा उसे मैं देख लूंगा|

हमारी सरकार में पैसे लेकर पोस्टिंग नहीं होती
सीएम ने निर्देश दिए कि ऑनलाइन अपराध हो रहे है उस पर ध्यान दे , दूसरे राज्यो से अपराध होते है तो अपराध खत्म करने में वहां के अधिकारियों का सहयोग लें| सीएम ने कहा प्रत्येक सोमवार को मैं सीएस और डीजीपी के साथ लॉ एंड आर्डर की समीक्षा करूंगा| सीएम ने कहा कानून व्यवस्था प्रथम प्राथमिकता होना चाहिए| हमारी सरकार में पैसे लेकर पोस्टिंग नहीं होती है, मेरिट पर जिले मिले है।

इंदौर की प्रशंसा, फर्जी चिट फंड वालों पर कसें शिकंजा
इंदौर में की गई कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की| सीएम ने कहा संगठित माफिया, चिट फंड वालों के विरुद्ध कार्यवाही हो| अपराधियों पर सख़्त रहे और आम जनों को कोई तकलीफ न हो । उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा रेत माफियाओं के विरूद्ध सख़्त कार्यवाही हो लेकिन वैध ठेकेदार को परेशान न किया जाए| सीएम ने भोपाल, होशंगाबाद और मंडला जिलों में घटित अपराधों का उल्लेख करते हुए कानून का शासन स्थापित करने के निर्देश दिए|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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