सोशल डिस्टेंसिंग की उडी धज्जियां, रामेश्वर बोले-‘जमातियों का जिहादी सपना पूरा करने में जुटे दिग्विजय’

सोशल डिस्टेंसिंग की उडी धज्जियां, रामेश्वर बोले-‘जमातियों का जिहादी सपना पूरा करने में जुटे दिग्विजय’

भोपाल| राजधानी भोपाल (Bhopal) के संत हिरदाराम नगर में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) राशन बांटने पहुंचे जहाँ सोशल डिस्टेंसिनग (Social Distancing) की धज्जियां उड़ती दिखाई दी । ब्लॉक कांग्रेस के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे । इस पर क्षेत्र के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने दिग्विजय सिंह पर जोरदार हमला बोला है|

विधायक शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह मौलाना साद और जमातियों का सपना पूरा कर रहे है जो कोरोना को जिहाद समझते है । 5 का राशन 50 को बुलउआ देकर दिग्विजय सिंह ने गरीबो का मजाक उड़ाया है उन्हें अपमानित किया है । विधायक ने कहा कांग्रेस देश भर में लगातार इस प्रयास में है कि वह गरीब मजदूर को उद्वलित कर इस संक्रमण को जन जन तक पहुंचा सके ।

विधायक शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह काजी कैम्प में ही राशन बांटे तो अच्छा होगा हिन्दू बस्तियां विशेषकर जो क्षेत्र कोरोना संक्रमण की चपेट में नही है वहाँ जाकर इसप्रकार सोशल डिस्टेंसिनग की धज्जियां उड़ाना इसके पीछे जमातियों वाली साजिश प्रतीत होती है ।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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