फिर लगा शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों पर विराम

फिर लगा शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों पर विराम

भोपाल| बुधवार (Wednesday) को सुबह दस बजे जैसे ही यह खबर आई मुख्यमंत्री chief minister शिवराज सिंह चौहान (Shivraj SIngh chauhan) थोड़ी देर बाद राज्यपाल governor लालजी टंडन (Lalji Tandon )  से मुलाकात करेंगे मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) की राजनीतिक धड़कने तेज हो गई । कयास लगाए जाने लगे कि अब मंत्रिमंडल Cabinet का विस्तार होने को ही है. मुख्यमंत्री के आर एस एस के प्रादेशिक कार्यालय समिधा जाने से इन अटकलों को और बल मिला ।लेकिन जब दोपहर बारह बजे मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिले तो उन्होंने उनसे केवल कोरोना को लेकर बातचीत की और उसके साथ-साथ मध्यप्रदेश की महिला स्व सहायता समूह द्वारा बनाए गए कोरोना सेफ्टी मास्क उन्हें भेंट किए । इसके साथ यह साफ हो गया कि मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल लॉक डाउन 3.0 या 4.0 की शुरुआत में होने की उम्मीद कम ही है ।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब तक दिल्ली नहीं जाएंगे तब तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो पाएगा ,इसमें संशय है। दरअसल मुख्यमंत्री इस मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे नामों को जोड़ना चाहते हैं जो उनके कट्टर समर्थक माने जाते हैं लेकिन अंतिम रूप से मंत्रिमंडल की सूची को रूप देने का काम इस बार केंद्रीय नेतृत्व कर रहा है। इसी के चलते शिवराज चाहते हैं कि कम से कम जब केन्द्रीय नेतृत्व से आमना-सामना हो तो वह अपने कुछ समर्थकों के नाम तो मंत्रिमंडल की सूची में जुड़वा सकें ।दरअसल मंत्रिमंडल के गठन के पहले फेज में जिन पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, उनमें दो सिंधिया समर्थक थे और बाकी के तीन भी शिवराज सिंह चौहान के गुट के नहीं माने जाते। ऐसे में संदेश जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में शिवराज का वैसा एकछत्र राज नहीं जैसा पिछले दो कार्यकाल में हुआ करता था।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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