MP Board Exam: 12वीं के छात्रों के लिए एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला

MP Board Exam: 12वीं के छात्रों के लिए एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला

भोपाल| कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण के चलते स्थगित हायर सेकेण्डरी की परीक्षाएं (Higher Secondary Exam) फिर से जून माह में आयोजित होंगी। परीक्षाओं का आयोजन 9 जून से 15 जून के बीच होगा। परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी किया जा चुका है| परीक्षाओं से पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एक बड़ा फैसला किया है|

एमपी बोर्ड (MP Board) ने छात्रों के लिए सुविधा दी है कि जो भी परीक्षार्थी लॉकडाउन (Lockdown) में जिस भी जिले में है उसी जिले में परीक्षा दे सकेंगे | ऐसे परीक्षार्थी जो शेष परीक्षाएं अन्य किसी जिले से देना चाहते हैं वे 25 मई शाम 4 बजे से 28 मई तक ऑनलाइन आवेदन एमपी ऑनलाइन किओस्क, पोर्टल मंडल के मोबाइल ऐप से भर सकेंगे| ऑनलाइन आवेदन की सुविधा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जिले की समन्वयक संस्था, मंडल के संभागीय कार्यालयों के माध्यम से भी छात्र छात्राओं के लिए उपलब्ध कराई जाएगी| परीक्षार्थी को जिला परिवर्तन करने की स्थिति में नवीन चयनित जिले के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा| जिले के अंदर केंद्र परिवर्तन मान्य नहीं होगा|

उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा मार्च माह में हायर सेकेण्डरी की परीक्षाएं आयोजित की थीं, लेकिन परीक्षाओं के दौरान ही प्रदेश में कोरोना संक्रमण फैल गया, जिसके चलते जो परीक्षाएं हो चुकी थीं, उन्हें छोड़ कर शेष परीक्षाओं का आयोजन स्थगित कर दिया गया था।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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