ऐसी कार्रवाई केवल भोपाल ही नहीं मध्य प्रदेश के हर जिले, हर तहसील में होना चाहिए, तभी बनेगा अतिक्रमणमुक्त एमपी

राजधानी भोपाल की सड़कें चौड़ी होने के बावजूद लोगों को चलने में और वाहन चलाने में समस्या आती है जिसकी शिकायतें लगातार प्रशासन के पास अलग अलग माध्यमों से पहुंच रही हैं जिसके बाद प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करें के लिए ये मुहिम शुरू की है।  
Anti-encroachment drive in Bhopal

मध्य प्रदेश में सड़कों के चौड़ीकरण और नई सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, बावजूद इसके सड़कें सकरी ही दिखाई देती हैं, इसकी सबसे बड़ी समस्या है अतिक्रमण, सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन, दुकान के बाहर रखा सामान, सड़क पर वाहनों की रिपेयरिंग सबसे बड़ी बाधा है जिसे दूर करने के लिए अब सख्ती की जा रही है।

भोपाल जिला प्रशासन ने आज पुलिस, नगर निगम, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी, बिजली कंपनी और स्वास्थ्य विभाग के साथ राजधानी भोपाल में संयुक्त रूप से अतिक्रमण विरोधी मुहिम चलाई ,अभियान की शुरुआत टीटी नगर दशहरा मैदान से की, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने इसका प्रभारी एडीएम अंकुश मेश्राम को बनाया।

सभी विभागों के आला अधिकारी सड़क पर 

अतिक्रमण विरोधी अभियान में जिले के सभी एसडीएम, सभी एसीपी सहित अभियान में शामिल विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे जिससे किसी तरह की समस्या आये तो निपटारा मौके पर ही कर दिया जाए, प्रशासन का लक्ष्य  राजधानी की सड़कों और बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करना है।

कंडम और सड़क पर पार्क वाहन निशाने पर 

मुहिम के तहत सबसे पहले ऐसे वाहन निशाने पर लिए गए जो कंडम हैं और सालों से सड़कों पर खड़े हैं, इसके अलावा ऐसे वाहन भी क्रेन से उठाये गए जिनके मालिक या ड्राइवर इसे पार्क कर गायब दिखाई दिए, टीम ने इसे उठाया और नगर निगम के वाहन से उठवाकर सड़क को साफ कर दिया।

नियमित रूप होगी कार्रवाई, 15 दिन में रिव्यू

प्रशासन ने तय किया है कि ऐसे वाहनों के लिए  कंडम वाहन रखने के लिए हर ब्लॉक में ट्रेचिंग ग्राउंड होगा, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई अब नियमित रूप से जारी रहेगी और 15 दिन में इसका रिव्यू किया जायेगा, इस मुहिम से सड़कों को मुफ्त पार्किन स्थल समझकर अपने वाहन पार्क करने वाले परेशान दिखाई दिए लेकिन शहर की जनता बहुत खुश दिखाई दी।

प्रशासन की तारीफ करते दिखे लोग 

सड़क पर चलने में या फिर वाहन चलाने में परेशानी झेलने वाले राजधानी के लोग मुहिम को लेकर प्रशासन की तारीफ कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि ये दिखावे की ना होकर हकीकत की होगी और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराकर ही बंद होगी।

जनता बोली पूरे प्रदेश में होनी चाहिए ऐसी कार्रवाई 

लोगों का ये भी कहना है कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ राजधानी में ही नहीं मध्य प्रदेश के हर जिले, हर तहसील में होनी चाहिए जिससे लोगों को चलने में कोई परेशानी न हो, वे अपने परिवार के साथ मार्केट में आ जा सकें तभी अतिक्रमणमुक्त मध्य प्रदेश बन सकेगा।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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