
Umang Singhar
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि शहर में एलपीजी गैस का सिर्फ छह दिन का स्टॉक बचा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आपूर्ति क्यों बाधित हुई, वास्तविक स्टॉक कितना है और उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी।
इससे पहले कमलनाथ ने भी प्रदेश में तीस प्रतिशत गैस आपूर्ति घटने पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच सिर्फ दस दिन तक चले युद्ध का असर अब सीधे मध्यप्रदेश के घर-घर की रसोई तक पहुंचने लगा है तो इससे साबित होता है कि ऊर्जा आपूर्ति को लेकर हमारी तैयारी कितनी कमजोर है। उन्होंने सरकार से ए आवश्यक वस्तुओं के लिए मजबूत भंडारण व्यवस्था, वैकल्पिक आपूर्ति प्रणाली और प्रभावी आपातकालीन प्रबंधन योजना तैयार करने का आग्रह भी किया।
मिडिल ईस्ट के युद्ध से गैस आपूर्ति प्रभावित
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर देश पर भी दिखने लगा है। हाल के दिनों में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। इस युद्ध के कारण कई महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सुरक्षा संकट पैदा हो गया है, जिससे तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। विशेष रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। यह वही रास्ता है जिससे खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में तेल और एलपीजी दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। युद्ध के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित होने और बीमा व सुरक्षा लागत बढ़ने से कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस वैश्विक संकट का असर दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों ने एहतियात के तौर पर कुछ स्थानों पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे कारोबारियों को परेशानी हो सकती है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि भोपाल में सिर्फ छह दिन का रसोई गैस का स्टॉक बचा है। इसे राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि होटल, छोटे व्यापारी और आम परिवार सभी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण, वास्तविक स्टॉक की स्थिति और उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी..इसपर स्पष्ट जानकारी दी जाए।
भोपाल में रसोई गैस का सिर्फ 6 दिन का स्टॉक बचा है, जबकि रोज़ाना करीब 500 मीट्रिक टन खपत होती है।
रमज़ान और शादी-विवाह के सीजन में राजधानी के लाखों परिवार गैस संकट से जूझ रहे हैं बुकिंग में दिक्कत, सर्वर डाउन और एजेंसियों में सिलेंडर की कमी आम बात हो गई है।
यह मध्यप्रदेश की… pic.twitter.com/WFJnUAdxNg
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 11, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

