Bhopal Master Plan : BJP बोली मास्टर प्लान में भोपाल के लोगों की चिंता, कांग्रेस ने लगाया 20 साल पीछे धकेलने का आरोप

भाजपा नेता ने कहा कि जो लोग मास्टर प्लान को लेकर आपत्ति कर रहे थे, ऊँगली उठा रहे थे, धरना आंदोलन उपवास कर रहे थे  मेरा उनसे अनुरोध है कि अब वे ये सब न कर भोपाल के हित में अपने सुझाव दें। 
Bhopal Master Plan BJP and Congress reactions

Bhopal Master Plan BJP and Congress reactions

Bhopal Master Plan : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया हैं , उनका कहना है कि इस ड्राफ्ट में शहर के साथ शहर के लोगों की चिंता की गई है साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है, उन्होंने इसमें शहर के लोगों से सुझाव मांगे हैं , प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके आधार पर शहर का विकास किया जायेगा, उधर कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाये हैं।

भोपाल के मास्टर प्लान को भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल की जनता के हिसाब से तैयार विकास का खाका बताया है, मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने मीडिया से बात करते हुए कहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अनंत चतुर्दशी के  दिन सम्पूर्ण समीक्षा के बाद मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी किया है।

BJP ने मास्टर प्लान की तारीफ की 

उन्होंने कहा ड्राफ्ट की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि भोपाल और इसके आसपास के जो प्राकृतिक संसाधन हैं उसका पूरा ध्यान रखा गया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरा ध्यान रखा गया है इसमें भोपाल के निवासियों और व्यवसायियों की चिंता भी की गई है उन्होंने कहा अब जनता इसपर सुझाव देगी, विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे उसके बाद इसे लागू किया जायेगा।

कुणाल चौधरी ने सरकार की मंशा पर उठाये सवाल  

उधर भोपाल के मास्टर प्लान पर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है, कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने कहा भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल को 20 साल पीछे धकेल दिया है, उन्होंने बताया कि आखिरी मास्टर प्लान 1995 में आया था और उसी को 2005 में रिपीट कर दिया और अब जो मास्टर प्लान दो दशक बाद आया है उसमें भी बहुत विसंगतियां हैं।

IAS अधिकारियों और नेताओं पर निशाना 

चौधरी ने कहा सरकार को नीति और नीयत स्पष्ट करना चाहिए , जनता परेशान है व्यापारी परेशान है उन्हें भय है कि केवल भाजपा से जुड़े लोगों को ही तो फायदा नहीं होगा ? या फिर बड़े बड़े अधिकारियों नेताओं की जमीनों को बचाने के लिए ये किया गया गया है सरकार को ये स्पष्ट करना चाहिए।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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