सांसद साध्वी प्रज्ञा का बयान, ‘दिन में 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और कोरोना हो जाएगा खत्म’

सांसद साध्वी प्रज्ञा का बयान, ‘दिन में 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और कोरोना हो जाएगा खत्म’

भोपाल। पूरा विश्व इस वक्त कोरोना (Corona) से जूझ रहा है। विश्व के सभी वैज्ञानिक इस महामारी की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए है, वही भारत मे बीजेपी की सांसद कोरोना से बचाव के हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह दे रही है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya thakur) का कहना है कि दिन में 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ से कोरोना का खात्मा हो जाएगा। भोपाल सांसद ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “आइए हम सब मिलकर कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए एक आध्यात्मिक प्रयास करें, आज 25 से 5 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 7:00 बजे अपने घरों में हनुमान चालीसा का 5 बार पाठ करें, 5 अगस्त को अनुष्ठान का रामलला की आरती के साथ घरों में दीप जलाकर समापन करें।”

सरकार है भगवान भरोसे
साध्वी के हनुमान चालीसा के पाठ करने पर कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि हम भी भगवान हनुमान पर विश्वास करते हैं और उनके चमत्कारी तुसके पर भरोसा करते है। हम यह भी मानते है कि देश में जो कुछ लोग कोरोना से बचे हुए है वें उन्ही के आशीर्वाद से बचे हुए है। पर जो सरकार का अव्यवस्थाओं का आलम है उसको देख कर लगता है पूरी सरकार भगवान भरोसे चल रही है। उन्होंने कहा यह खरीदे हुए जनादेश की बिना पैर की सरकार है। प्रदेश में जितनी भी व्यवस्था चल रही है वह भगवान के भरोसे चल रही है, सरकार का कोई श्रेय नही है। प्रदेश का मुख्य खुद अस्पताल में है, सरकार पूरी वेंटिलेटर पर है।

चार महीने से साध्वी कहाँ गायब थी
प्रज्ञा ठाकुर की हनुमान चालीसा पढ़ने की अपील पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि 4 महीने से साध्वी कहां गायब थी, हर गरीब को 35 किलो राशन दिलवाए। हम सबकी आस्था है, लेकिन सरकार पूरी तरह कोरोना को संभालने में फेल हो चुकी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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