भोपाल में नवरात्रि पर गरबा पंडाल में जाने के लिए आईडी प्रूफ अनिवार्य, विश्वास सारंग ने कहा ‘ये कोई एंटरटेनमेंट शो नहीं, जो हिंदू नहीं वो जाते क्यों हैं’

अगर आपको गरबा या डांडिया खेलने में रुचि है तो इसके लिए हिंदू होना अब अनिवार्य शर्त हो गई है। राजधानी में तो इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इसपर मंत्रीजी का कहना है कि ये कोई मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है इसलिए जो हिंदू धर्म का पालन नहीं करते हैं उन्हें यहां जाना ही नहीं चाहिए।
Bhopal Garba ID Proof

Garba and Dandiya ID Proof

भोपाल में नवरात्रि के दौरान गरबा, डांडिया और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में जाने के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने आयोजकों के लिए इसे लेकर गाइडलाइन जारी की है। इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री  विश्वास सारंग ने कहा है कि ये सनातन धर्म का धार्मिक अनुष्ठान हैं कोई एंटरटेनमेंट शो नहीं इसलिए यहां हिंदू धर्म का पालन करने वालों को ही जाना चाहिए। इसलिए आईडी प्रूफ दिखाए जाने को लेकर किसी तरह की आपत्ति नही होनी चाहिए।

शारदीय नवरात्रि में नौ दिन तक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान गरबा और डांडिया नृत्य बेहद प्रचलित है। खासकर गुजरात में ये बहुत ही धूमधाम से खेला जाता है लेकिन अब इसकी लोकप्रियता देश के साथ विदेशों तक फैल गई है। गरबा और डांडिया नृत्य नवरात्रि की रातों को रंग, संगीत और सामूहिक एकता का प्रतीक बनाते हैं।

जिला प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

राजधानी भोपाल में नवरात्रि के दौरान गरबा, डांडिया और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की  गाइडलाइन के तहत बिना आईडी प्रूफ के किसी भी व्यक्ति को गरबा और डांडिया पंडालों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी के साथ आयोजन समितियों को निर्देश दिया गया है कि आयोजन स्थल पर सीसीटीवी भी लगाएं। प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आयोजन समितियां किसी भी व्यक्ति को पहचान पत्र सत्यापित करने के बाद ही अंदर आने दें। इन आईडी प्रूफ में आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसी दस्तावेज शामिल हैं।

विश्वास सारंग ने कहा ‘एंटरटेनमेंट शो नहीं चल रहा’

इस मामले पर विश्वास सारंग ने कहा है कि ये विशुद्ध रूप से हिंदू परंपरा का सनातन धर्म का धार्मिक अनुष्ठान है। जो लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं उन्हें ही गरबे में जाना चाहिए। एएनआई से बात करते हुए  उन्होंने कहा कि ‘जो हिंदू हैं उन्हीं को जाना चाहिए। ये कोई मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है। ये विशुद्ध रूप से आराधना है देवी मां की। निश्चित रूप से जो लोग यहां जा रहे हैं वो अपनी पहचान बताएं। ये बहुत आवश्यक है और मुझे लगता है कि जो हिंदू धर्म का पालन नहीं करते वो जाते क्यों हैं। ये कोई एंटरटेनमेंट शो नहीं है। ये मां की स्तुति है मां की आराधना है मां का अनुष्ठान है।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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