भोपाल रेल मण्डल ने किया यात्रियों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम, टर्नआउट और गेट सुधार, 12 स्थानों पर अंडरपास और 15 पर आरओबी का निर्माण जारी

भोपाल मंडल द्वारा किए जा रहे इन संरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और निर्बाध रेल यात्रा प्रदान करना है। टर्नआउट्स का मानकीकरण और एलसी गेट्स की समाप्ति से जहां ट्रेनों की गति और संचालन में सुधार होगा, वहीं यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
TRAIN CANCELL

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BHOPAL NEWS :  भोपाल मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों के सुचारू संचालन एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंडल में रेलवे यार्ड्स के टर्नआउट्स और लेवल क्रॉसिंग गेट्स (एलसी) की स्थिति को सुधारने के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं।

टर्नआउट्स

रेलवे यार्ड्स में टर्नआउट्स विभिन्न रेल लाइनों को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं, जिससे ट्रेनों को एक लाइन से दूसरी लाइन में सुरक्षित रूप से लाया जा सकता है। वर्तमान में भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों की गति को 110 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा किया जा रहा है। किंतु कई यार्ड्स दशकों पूर्व निर्मित होने के कारण उनमें लगे टर्नआउट्स की डिज़ाइन लंबाई वर्तमान मानकों के अनुसार नहीं थी। इस तकनीकी आवश्यकता को देखते हुए भोपाल मंडल के पवारखेड़ा, टिमरनी, छनेरा एवं अशोकनगर यार्ड्स में सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए प्रत्येक यार्ड में एक-एक टर्नआउट को 3 मीटर से 5 मीटर तक स्थानांतरित किया गया है। यह कार्य टर्नआउट्स को मानक मापदंडों के अनुरूप बनाकर पूर्ण किया गया, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय हो सकेगा।

ट्रेनों की पंक्चुअलिटी के साथ-साथ सड़क यातायात की सुविधा में भी सुधार

इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम लेवल क्रॉसिंग गेट्स की समाप्ति है, जो अक्सर सड़क यातायात की भीड़ के कारण अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बंद रहते हैं, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ते हैं। भोपाल मंडल में एलसी गेट्स को समाप्त कर उनकी जगह अंडर पास (एलएचएस) और रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की पंक्चुअलिटी के साथ-साथ सड़क यातायात की सुविधा में भी सुधार हो सके।

अलग-अलग खंडों में विकास कार्य 

वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंडल के इटारसी-खंडवा खंड में सात एलसी गेट्स को अंडर पास के माध्यम से समाप्त किया गया है, वहीं भोपाल-बीना खंड में तीन, इटारसी-भोपाल खंड में एक और बीना-कटनी खंड में एक गेट को आरओबी द्वारा हटाया गया है। वर्तमान में 12 स्थानों पर अंडर पास निर्माण कार्य और 15 स्थानों पर आरओबी निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि “भोपाल मंडल द्वारा किए जा रहे इन संरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और निर्बाध रेल यात्रा प्रदान करना है। टर्नआउट्स का मानकीकरण और एलसी गेट्स की समाप्ति से जहां ट्रेनों की गति और संचालन में सुधार होगा, वहीं यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। मंडल रेल प्रशासन भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ संरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।” भोपाल मंडल रेलवे द्वारा किए जा रहे ये प्रयास न केवल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

Sushma Bhardwaj
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