अब भोपाल से रीवा-पटना और रीवा-जबलपुर से कोलकाता के लिए सीधी फ्लाइट, कितना लगेगा किराया? जानें यहां

नवीन सीधी सेवाओं में किराया लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा और यात्रा 2 से 2.5 घंटे में पूरी होगी। इससे भोपाल-रीवा रूट से राजधानी और विंध्य के बीच सीधा संपर्क होगा। वहीं रीवा-कोलकाता उड़ान से विंध्य से पूर्वी भारत के लिए सीधी हवाई सेवा मिलेगी।
Flight Aeroplane

हवाई सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 अगस्त को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से 4 नई हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया है। इनमें भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई मार्ग शामिल हैं।  इन सीधी हवाई सेवाओं से यात्रियों को विंध्य व महाकौशल अंचल, राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता और पटना में आना-जाना आसान होगा।

सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज 2 से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी। भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। बता दें कि मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित योजना के अंतर्गत ये उड़ानें प्रारंभ की गई हैं।

आइए जानते हैं किराया और अन्य डिटेल्स

  • भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन (मंगलवार, गुरुवार, शनिवार, रविवार) फ्लाइट संचालित की जाएगी।
  • भोपाल-पटना (सोम, बुध, रवि), रीवा-कोलकाता (मंगल, गुरु, शनि) और जबलपुर-कोलकाता (मंगल, गुरु, शनि) के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी।
  • भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा।
  • भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा।
  • भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी।
  • जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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