MP Transport : लूट का टोकन!…मंत्री की छवि पर बट्टा लगा रहा परिवहन अमला

MP Transport : लूट का टोकन!…मंत्री की छवि पर बट्टा लगा रहा परिवहन अमला

MP Transport : आगामी चुनाव से पहले मध्य प्रदेश का परिवहन विभाग चर्चाओं में है। एक तरफ एमपी ट्रांसपोर्टर, वाहन मालिक-चालक, हम्माल,ऑटो पार्ट्स व्यापारी, मेकेनिक और सभी ट्रांसपोर्ट परिवहन व्यापार से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों राष्ट्रपति द्रौपति मुर्मु के नाम एक पत्र लिखकर परिवहन विभाग में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के चलते चुनाव मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है वही दूसरी तरफ एमपी के परिवहन मंत्री के गृह जिले में सागर में RTO अमले के लूट का मामला सामने आया है।

अवैध वसूली के रेट तय , 500 से 1500 रुपए 

दरअसल, इन दिनों सागर में आरटीओ अमले ने लूट मचा रखी है, यहां ट्रक से 500 रुपए वसूली की जा रही है,इतना ही नहीं 1500 रुपए में तो रिश्वत खोरी का टोकन भी बनाकर दिया जा रहा है। एक निजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा मामला सागर से 8 किमी दूर झांसी फोरलेन एनएच-44 पर गुड़ा गांव का है। यहां हर दिन आरटीओ के 5 अफसर और 12 कर्मचारी तैनात रहते हैं, जो फोरलेन से गुजरने वाले प्रत्येक ट्रक से कम से कम 500 रुपए लेते ही हैं, चाहे उनके पास ट्रक के सभी कागज भी क्यों न हो? वही अमले ने 1500 रुपए लेकर रिश्वतखोरी का मंथली टोकन बनाकर ट्रक चालकों को दे रखा है जो पास दिखाकर आगे बढ़ जाते है।

ऐसे चल रहा पूरा खेल

कहानी यही खत्म नहीं होती, यह खेल अधिकारियों की गाड़ी में भी चल रहा है, इसमें ही रुपयों का लेन-देन होता है। भले ही आपके पास कागज हो लेकिन फिर भी यहां से निकलने वाले 10 चका गाड़ी की 700 रुपए एंट्री लगती है।वही गाड़ी के हिसाब से 4000, 1200 और 700 रुपए में महीनेभर का टोकन भी बनाकर दे दिया जाता है। अगर ऐसा नहीं करते है तो 500 रुपए दो और निकल जाओ, ऐसे में जो विरोध करता है उसे रोका जाता है, हैरानी की बात ये है कि अभी कुछ ही महीनों में एमपी में विधानसभा चुनाव होने है, ऐसे में आरटीओ विभाग के अधिकारी कर्मचारी मंत्री की छवि पर बट्टा लगा रहे है, जिसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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