उत्तर बंगाल में बीजेपी ने तोड़ा टीएमसी का गढ़, कारगर रही प्रहलाद पटेल की रणनीति

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बंगाल की सत्ता में भले ही दीदी की फिर से वापसी हो गई हो लेकिन उत्तर बंगाल में बीजेपी के प्रदर्शन ने उनकी नींद उड़ा दी है। बीजेपी के उत्तर बंगाल के चुनाव प्रभारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद पटेल की जमीनी स्तर पर की गई मेहनत रंग लाई। प्रहलाद सिंह पटेल पर उत्तर बंगाल की 42 विधानसभा सीटों का प्रभार था जिनमें से 25 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों ने भारी मतों से विजय हासिल की।

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दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार में तो तृणमूल का खाता तक नहीं खुला। बीजेपी ने ना सिर्फ दार्जिलिंग की सभी पांच सीटों पर बड़ी जीत हासिल की बल्कि अलीपुरद्वार की भी पांचों सीटों पर कब्ज़ा किया। कई सीटों पर कांटे की टक्कर रही और कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। अपनी चुनावी रणनीति के तहत प्रहलाद सिंह पटेल ने हर बूथ पर जीत के लिए बीजेपी के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति तैयार की। उन्होंने बार-बार चुनावी दौरे किए और दिन रात एक कर दिये। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जगह-जगह रोड शो किए और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। अपने रणीनितक कार्यक्रमों के तहत उन्होंने जगह- जगह ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम किए और इस दौरान स्थानीय मुद्दों पर आम लोगों से बातचीत की और घर- घर जाकर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाने की अपील की।

फांसीदेवा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार और अन्य गणमान्य लोगों के साथ भी उन्होंने रोड शो किया। इस दौरान भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। पैदल यात्रा के दौरान वे लोगों से मिले और बीजेपी उम्मीदवार को वोट देने और भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपर बागडोगरा में सामाजिक कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में शिरकत की और कार्यकर्ताओं से अपने अनुभव बांटे और कहा कि विजय मिलने तक थकना नहीं है। इस दौरान दार्जिलिंग सांसद राजू बिस्टा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल रहे। उन्होंने सांसद राजू बिस्टा के साथ प्रधानमंत्री जी की बाग़डोगरा में होने वाली रैली स्थल का निरीक्षण भी किया और तैयारियों का जायज़ा लिया। प्रधानमंत्री की रैली में लाखों की संख्या में लोग जुटे।

उन्होने नक्सलबाड़ी क्षेत्र का महत्व समझते हुए वहां कई तरह के कार्यक्रम और बैठकें की। प्रहलाद सिंह पटेल ने नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में संचालन समिति की बैठक की और नक्सलबाड़ी क़स्बे में सभाओं को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आपकी मेहनत रंग लाएगी, यहाँ से बीजेपी की विजय तय है, उन्होंने घोषपुकुर पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान समेत अनेक प्रतिष्ठित लोगों को सदस्यता ग्रहण करवाई। उनके ईमानदार प्रयासों के चलते नक्सलबाड़ी से बीजेपी उम्मीदवार आनन्दमय बर्मन ने टीएमसी के राजेन सुंदास को भारी मतों से हराकर जीत दर्ज की।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री की रैली की तैयारियों का ना सिर्फ जायजा लिया बल्कि उसे बेहतरीन तरीके से सफल बनाया। जिसमें लाखों की संख्या में लोगों ने शिरकत की। अपने जमीनी प्रयासों के कारण उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल की जनता हमें खुला आशीर्वाद और प्यार दे रही है, वे व्यक्तिगत तौर पर लोगों के बीच जाकर उनसे बातचीत करते, उनसे जुड़ते और उनकी समस्याओं को सुनते जिससे उन्हें पता चला कि किस कदर बंगाल की जनता दीदी से त्रस्त हैं। उन्होंने कूचबिहार के मतदान केंद्र पर हुई हिंसा पर चिंता जताई और इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोषी ठहराया।

प्रहलाद सिंह पटेल संन्यासी विद्रोह का केन्द्र रहे ऐतिहासिक देवी चौधरानी मंदिर दर्शन के लिए भी गए लेकिन मंदिर की हालत और भवानी पाठक और देवी चौधरानी की जली हुई प्रतिमाओं को देखकर काफी दुखी हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रहलाद सिंह पटेल जमकर बरसे थे और उन पर मंदिर के विषय में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे ना सिर्फ धार्मिक रूप से लोगों की भावनाओं को आहत करना बताया बल्कि वंदे मातरम के रचियता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का भी अपमान बताया। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्री पटेल ने बंकिमचंद्र चटर्जी के सम्मान में भव्य कार्यक्रम आयोजन कराने की भी घोषणा की।

आपको ये भी बता दें कि भाजपा उम्मीदवार का चुनाव प्रचार करने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल को रोड शो की अनुमति नहीं दी गई। आखिरकार उन्होने पैदल चलकर ही उम्मीदवार के लिए वोट की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा ममता बनर्जी इतने दिनों से लोगों को डरा रही थी, अब खुद डरने लगी है। प्रह्लाद सिंह पटेल जलपाईगुड़ी सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सौजित सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे थे। सुबह 11 बजे से शांतिपाड़ा से रोड शो होने वाला था लेकिन पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के कारण वापस पार्टी ऑफिस जाना पड़ा। इसके बाद श्री पटेल, सांसद डॉ जयंत कुमार राय समेत अन्य जिला नेताओं के साथ मर्चेट रोड से होकर दिनबाजार पहुंचे।
प्रहलाद सिंह पटेल ने नागराकाटा शहर में चुनाव प्रचार के दौरान प्रबुद्धजनों से मुलाकात की, बूथ प्रमुखों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित पार्टी है, हम सबसे पहले पार्टी कार्यकर्ता हैं, उसके बाद सांसद या विधायक हैं। पार्टी का जो भी आदेश हो उसे आंख बंद करके पूरा करना ही हमारा कर्तव्य है और यही भारतीय जनता पार्टी का अनुशासन है और काम करने की शैली है।

उन्होने धूपगुड़ी विधानसभा के बानरहाट में भी कई रोड शो किये और बंगाल में रामराज्य लाने के लिए लोगों से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील की। प्रहलाद सिंह पटेल कूचबिहार के सीतलकूची में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कूचबिहार सांसद निसिथ प्रामाणिक के साथ कई चुनावी जनसभाओं में शामिल हुए। वे चुनावी हिंसा में घायल हुए बीजेपी कार्यकर्ता का हालचाल जानने कूचबिहार के MJN अस्पताल भी गए और घायल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। केंद्रीय मंत्री ने गंगारामपुर में बीजेपी उम्मीदवार सत्येंद्र नाथ रॉय के समर्थन में कई चुनावी सभाएं, और रोड शो किए और लोगों से उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। सत्येंद्र नाथ रॉय ने जीत हासिल की और अपने प्रतिद्वंदी तृणमूल कांग्रेस के गौतम दास को पटखनी दी।

उन्होंने सिलीगुड़ी के बीजेपी ऑफिस में घोषणा पत्र जारी किया और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। सिलीगुड़ी में चुनाव प्रचार के दौरान प्रहलाद सिंह पटेल ने गोरखा समुदाय के लोगों के साथ भी बैठक की और कहा कि केंद्र सरकार गोरखा समुदाय की हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है। और इस तरह वे गोरखा समुदाय का विश्वास जीतने में सफल रहे। यही कारण है कि दीदी का दामन थामना बिमल गुरूंग को भारी पड़ा, सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आशीर्वाद के बावजूद बिमल गुरूंग के नेतृत्व वाला गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो-प्रथम) एक भी सीट नहीं जीत पाया। एकमात्र कलिम्पोंग सीट किसी तरह बिनय तामंग के नेतृत्व वाला गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो-द्वितीय) जीत सका, उसे भी ममता दीदी का आशीर्वाद प्राप्त था।

प्रह्लाद पटेल ने चाय बागान के कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और उन्हें भरोसा दिलया कि उनकी हर समस्या को दूर किया जाएगा, उन्होंने चाय बागान के कर्मचारियों की परेशानियों को लेकर ममता सरकार पर निशाना साधा और उन्हें भरोसा दिया कि जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से चाय बागान के कर्मचारियों के लिए मिनिमम वेज लागू किया जाएगा। बता दें कि उत्तर बंगाल में चुनाव से पहले कूचबिहार और दार्जिलिंग में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया गया था। दार्जिलिंग में उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्री पटेल ने कहा कि इससे विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकारों विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकारों के फायदा मिलेगा । राज्यपाल जगदीप धनखड़ जी इस कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप से शामिल हुए, साथ ही समापन समारोह में दार्जीलिंग सांसद राजू बिष्ट, दार्जिलिंग विधायक नीरज तमांग भी शामिल हुए।

उत्तर बंगाल में जीत के साथ ही प्रहलाद सिंह पटेल ने एक बार फिर खुद को पार्टी और प्रधानमंत्री के भरोसे पर खरा साबित किया है। इससे पहले मणिपुर में भी प्रहलाद सिंह पटेल को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया था जहां बीजेपी को भारी सफलता मिली। बेशक बंगाल में ममता का किला ना ढहाया जा सका हो लेकिन बीजेपी की सफलता को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता, जिसने 3 से लेकर 77 का सफर तय करके अपना दमखम दिखाया है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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