कमलनाथ के गृह क्षेत्र के नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा में शामिल

कमलनाथ के गृह क्षेत्र के नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा में शामिल

भोपाल| उपचुनाव (BY Election) से पहले मध्य प्रदेश में भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच एक दूसरे के दल में सेंध लगाने काम जारी है| बुधवार को भाजपा की जिला मंत्री रही भिंड की पूर्व जनपद अध्यक्ष संजू जाटव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। वहीं गुरूवार को छिन्दवाड़ा के पांढुर्ना नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण पालीवाल भाजपा में शामिल हो गए| उनके साथ ही पांढुर्ना के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और समाजसेवी गोविंद अग्रवाल भी भाजपा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.विष्णुदत्त शर्मा की विशेष मौजूदगी में प्रवीण पालीवाल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। प्रवीण पालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनहितैषी योजनाओं और देश विकास के बेहतर आयामों से प्रेरित होकर भाजपा की सदस्यता हासिल की|

उन्होंने कहा पांढुर्ना जल आवर्धन योजना के अंतर्गत कामठीकलां जलाशय का निर्माण कराने, पांढुर्ना क्षेत्र के बेहतर विकास के लिए पांढुर्ना को जिला बनाने और लंबे समय से अधूरे पड़े पांढुर्ना के विकास को गति दिलाने के लिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया। मैंने पांढुर्ना के विकास और सेवा के लिए राजनीति में आने का फैसला लिया था और अब भाजपा से जुड़कर अपने सेवा के लक्ष्य की पूर्ति करूंगा। बता दें कि प्रवीण पालीवाल ने साल 2018 में हुए नगरीय निकाय के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और मतदाताओं के समर्थन से जीत हासिल की है। लम्बे समय तक वे कांग्रेस में रहे

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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