सीएम डॉ. मोहन यादव ने 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को दिया स्कूटी का तोहफा, कहा ‘जीवन में योग्यता के साथ नैतिकता भी जरूरी ‘

मुख्यमंत्री ने एमपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 7,900 सरकारी स्कूलों के छात्रों को स्कूटी वितरित की। इस योजना के तहत, छात्रों को उनकी पसंद के अनुसार पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी का विकल्प दिया गया। ई-स्कूटी के लिए स्टूडेंट्स के बैंक खाते में 1,20,000 रुपये तथा पेट्रोल स्कूटी के लिए 90,000 रुपये की राशि प्रदान की गई है।
Chief Minister Mohan Yadav

CM Dr. Mohan Yadav distributed Scooty to the students : सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स को स्कूटी वितरण किया। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के  7,900 मेधावी विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूटी वितरण किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री ने दस छात्रों को प्रतीकात्म रूप से स्कूटी की चाबी सौंपी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये छात्र ही हमारे देश का भविष्य हैं और उन्हें ही तय करना है वो अपनी प्रतिभा के साथ कैसे न्याय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को हमारे देश के गौरवशाली इतिहास के प्रेरणा लेकर आग बढ़ना चाहिए। योग्यता के साथ नैतिकता का सम्मिश्रण कर वे अपने साथ अपने देश का भी मान सम्मान बढ़ा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को वितरित की स्कूटी

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं परीक्षा में सरकारी स्कूलों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाती है। इसके लिए छात्रों से उनकी पसंद भी पूछी गई कि वो पेट्रोल वाली स्कूटी लेना चाहते हैं या इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी। ई स्कूटी के लिए स्टूडेंट्स के बैंक खाते में एक लाख बीस हज़ार राशि जमा की गई और पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी के लिए 90 हज़ार रुपए दिए गए हैं। साल 2023-24 सत्र में अलग अलग फैकल्टी में टॉप करने वाले लगभग 7,900 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है।

उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में सही राह पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने श्रीराम और रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि माना जाता है रावण के पास किसी चीज़ की कमी नहीं थी। मानव जीवन में दस सुख जिसको मिल जाए उसका जीवन सफल है। लेकिन वो नैतिकता में पीछे रह गया। इसीलिए सिर्फ मैरिट के आधार पर आगे नहीं बढ़ा जा सकता है। योग्यता के साथ नैतिकता भी चाहिए। योग्यता से बड़ी नैतिकता होती है। हमारे यहां छोटे से छोटे व्यक्ति ने इस नैतिकता से लिए बड़े बड़े बलिदान किए हैं। सीएम ने श्रीकृष्ण, राजा विक्रमादित्य सहित अनेक उदाहरण देते हुए कहा कि सत्कर्म की राह पर चलना ही जीवन की सार्थकता है। सीएम ने विद्यार्थियों को उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके हित के लिए काम करती रहेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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