क्वींस ऑन द व्हील्स को करेंगे फ्लैग ऑफ करेंगे सीएम डॉ मोहन यादव, 25 महिला बाइकर्स रहेंगी शामिल

‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के पिछले दो संस्करणों की सफलता के बाद, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह 7 दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल को पूरा करेगा।
CM Mohan Yadav

फाइल फोटो

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सुबह 9 बजे ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ करेंगे। प्रदेश के समृद्ध व ऐतिहासिक पर्यटन गंतव्यों को देश-दुनिया में प्रचारित करने के उद्देश्य से 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के पिछले दो संस्करणों की सफलता के बाद, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह 7 दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल को पूरा करेगा।

केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का उत्सव

पर्यटन  विभाग के सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयराजा टी ने बताया कि एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल क्वींस ऑन द व्हील्स’ केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, साहस और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहर का उत्सव है। हमें गर्व है कि देशभर से आईं 25 महिला सुपरबाइकर्स इस अनूठी यात्रा के माध्यम से भोपाल से खजुराहो तक प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों का अनुभव करेंगी और उन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहभागी बनेंगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों के माध्यम से प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

13 मार्च को भोपाल में होगा समापन

भोपाल से शुरू होकर यह 7-दिन की यात्रा सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो से होते वापस भोपाल में 13 मार्च को समाप्त होगी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के इस कदम से राज्य की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को प्रमुखता देगा, साथ ही मध्य प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित और समृद्धिशाली पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह अभियान कम-ज्ञात स्थलों का प्रचार करेगा, रूरल टूरिज्म सर्किट्स को मजबूत करने और राज्य भर में रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बनेगा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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