व्यापारियों से मिले सीएम डॉ मोहन यादव, बोले-“विकसित भारत के निर्माण में GST Reforms मील का पत्थर साबित होगें”

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Next Gen GST के माध्‍यम से जो ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, उसके लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है क्योंकि नीयत अच्छी है।
CM Mohan Yadav GST

जीएसटी की नई दरें (Next Gen GST Reforms) आज से पूरे देश में लागू हो गई, आज से केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत ही प्रभावी रहेंगे, मोदी सरकार ने 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब को हटा दिया है, पूरे देश में इसे लेकर आज भारतीय जनता पार्टी कार्यक्रम कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दे रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी आज राजधानी भोपाल में व्यापारियों से संवाद किया, वे चौक बाजार पहुंचे यहाँ उन्होंने व्यापारियों से संवाद किया उन्हें नए दो स्लैब के बारे में विस्तार से बात की और फायदे गिनाये, “घटी जीएसटी-मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार” के स्लोगन के साथ मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने बचत का मीठा-मीठा उपहार दिया 

सीएम डॉ मोहन यादव ने यहाँ दशहरे के लिए कुर्ता का कपड़ा पाजामा ख़रीदा और यूपीआई से पेमेंट किया, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जीएसटी दरों में कटौती ने देशवासियों को बचत का मीठा-मीठा उपहार दिया। यह कदम आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

देवी माँ के दर्शन किये सुख, समृद्धि, खुशहाली की कामना की 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद किया। उन्होंने कहा “विकसित भारत के निर्माण में जीएसटी सुधार मील का पत्थर साबित होगें” इस दौरान मुख्यमंत्री शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर भोपाल के भवानी चौक स्थित कर्फ्यू वाली माता के मंदिर में दर्शन-पूजन करने गए। उन्होंने कहा मैया की कृपा से हर घर-आँगन में सुख, समृद्धि, खुशहाली आये। मेरी यही मंगल कामना है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews