सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा ‘मध्यप्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार ने 11 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, रोजगार, पेयजल, कृषि, स्वच्छता, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है, ताकि इन जनजातियों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
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MP Government’s Efforts for Tribal Upliftment : मध्यप्रदेश सरकार राज्य के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है, विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत जनजातीय वर्गों के कल्याण के लिए विशेष परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। इसी कड़ी में बालाघाट जिले में पांडाटोला से बीजाटोला तक का सड़क मार्ग बन रहा है, जो इस क्षेत्र का देश का पहला सड़क मार्ग होगा जो विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों को शेष देश से जोड़ने का काम करेगा।

पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार प्रयासरत

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। विशेष पिछड़ी जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले में पांडाटोला से बीजाटोला तक सड़क मार्ग देश का पहला सड़क मार्ग बनना, हमारे लिए गर्व की बात है। मध्यप्रदेश के 24 जिलों में बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियां निवास करती हैं। जिनके कल्याण के लिए 11 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तीव्रता से कार्य चल रहा है।’

हर क्षेत्र में किया जा रहा है काम

सीएम ने कहा कि पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार ने 11 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, रोजगार, पेयजल, कृषि, स्वच्छता, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है, ताकि इन जनजातियों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें जनजातीय बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जा रही है, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। स्वास्थ्य सेवाओं को जनजातीय क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषक आहार प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आवास योजना के तहत सरकार ने जनजातीय परिवारों को पक्के मकान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रोजगार के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं। कृषि के क्षेत्र में भी जनजातीय किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इस तरह सरकार इन जनजातियों के विकास और मुख्यधारा में जोड़ने के समुचित प्रयास कर रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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