दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के खाते में राहत राशि डालेगी शिवराज सरकार

दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के खाते में राहत राशि डालेगी शिवराज सरकार

भोपाल| कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए लागू किये गए लॉक डाउन के चलते प्रदेश के लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं| विभिन्न जिलों के मजदूर सूरत, दिल्ली, मुंबई आदि राज्यों में फंसे हुए हैं। जिनको राशन और पैसा दोनों की दिक्कत है| मध्य प्रदेश सरकार अब उन मजदूरों को राहत पहुंचाने जा रही है|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है| दूसरे राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों के खाते में राहत राशि डाली जायेगी| इसके लिए अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की लिस्ट तैयार की जा रही है| दरअसल, कोरोना लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों से अपने राज्य की और कई मजदूर एक साथ निकल पड़े थे| देश भर से ऐसी तस्वीर सामने आई थी| इनमे से कुछ मजदूर तो अपने गांव पहुँच गए लेकिन कुछ अब भी बाहर राज्यों में फंसे हुए हैं| कारखाने, फैक्टरियां, व्यापर बंद होने से उन लोगों के सामने खाने पीने का संकट आ गया है| प्रदेश सरकार ऐसे मजदूरों की लिस्ट तैयार कर उन्हें राहत पहुंचाएगी|

मीडिया से चर्चा में सीएम ने कहा है कि मैं सभी जनप्रतिनिधियों माननीय सांसद,विधायक गणों से आव्हान करता हूं कि वे उनके क्षेत्र के फंसे हुए मजदूरों की तत्काल सूचि बनाकर CM कार्यालय और कलेक्टर को भिजवाएं। जैसे-जैसे उनका अकाउंट नंबर, कॉन्टेक्ट नंबर आएगा हम तत्काल उनके खाते में पैसे डालते जाएंगे| उन्होंने कहा मध्यप्रदेश के कई मजदूर बाहर के राज्यों में फंसे हुए हैं। हमने दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर उनके आवास/भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहा है। हम उनकी आवश्यकता को पूरी करने के लिए उनके खाते में 1000 रुपए डालेंगे। वो जहां हैं वहां से ये पैसा निकाल पाएंगे।

सीएम ने कहा जितने राशन कार्ड धारी हैं उनको इस महीने से हम दो-दो महीने का राशन निःशुल्क देने की तैयारी कर रहे हैं-प्रतिव्यक्ति 5किलो चावल या गेहूं और 1किलो दाल। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है वो भी अगर कहीं फंसे हैं तो उनके लिए भी राशन की व्यवस्था की जाएगी|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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