विधानसभा परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, गले में पत्तों की माला पहने पहुंचे विधायक, सरकार पर निशाना

कांग्रेस ने आरोप लगाया, भाजपा सरकार कॉर्पोरेट हितों को साधने के लिए आदिवासियों की ज़मीनें हथियाने की साज़िश रच रही है। कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के साथ है और उनके हक के लिए हर मंच पर लड़ती रहेगी।
Congress protest in MP Vidhan sabha premises

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, अपनी रणनीति के तहत कांग्रेस, भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दे उठाकर घेर रही है वहीं विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन भी कर रही है, पहले दिन गिरगिट का खिलौना लेकर दूसरे दिन दो विधायकों को भैंस के रूप में दिखाकर उनके सामने बीन बजाकर प्रदर्शन किया और आज तीसरे दिन गले में हरे पत्तों की माला पहनकर प्रदर्शन किया।

विधानसभा परिसर में नारेबाजी और प्रतिबंध को निषिद्ध किये जाने के आदेश के बावजूद कांग्रेस विधायक पिछले तीन दिनों से लगातार इसका उल्लंघन कर रहे हैं, मानसून सत्र में सरकार को जिन जिन मुद्दों पर घेरना है उसके हिसाब से चरणबद्ध तरीके से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विरोध कर रहे हैं।

वन अधिकार पट्टों पर सरकार को घेरा 

आज कांग्रेस विधायक गले में हरे पत्तों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे, उन्होंने इस दौरान जमकर नारेबाजी की कांग्रेस का कहना है कि वन अधिकार पट्टों के माध्यम से जो कानूनी हक आदिवासियों को मिलना चाहिए, उसे भाजपा सरकार जानबूझकर टाल रही है। यह केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, पहचान और संस्कृति पर हमला है।

हरे पत्तों की माला के साथ विधायकों का प्रदर्शन 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा आज विधानसभा परिसर में मानसून सत्र के तीसरे दिन विधायकदल के साथ पत्तों से बनी मालाएं पहनकर इस अन्याय के खिलाफ विरोध दर्ज किया। प्रदेश भर में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार, झूठे मुक़दमे, और उनकी ज़मीन छीनने के प्रयास लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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