खंडवा में यूरिया स्टॉक गड़बड़ी पर कांग्रेस हमलावर, उमंग सिंघार बोले “किसान विरोधी सरकार को हर घोटाले का हिसाब देना होगा”

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार ही व्यवस्था बन चुकी है और किसान इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है। वहीं, कृषि विभाग ने जांच में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Umang Singhar

खंडवा जिले में यूरिया स्टॉक में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि खंडवा में ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1102 बोरी यूरिया का स्टॉक दर्ज था, लेकिन जांच के दौरान गोदाम खाली मिला। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आखिर यह यूरिया किसानों तक पहुंचा या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उनका आरोप है कि जब किसान खाद के लिए परेशान थे, तब सरकार के संरक्षण में कालाबाजारी और फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था। उन्होंने कहा कि इस किसान विरोधी सरकार को हर घोटाले का हिसाब देना होगा।

खंडवा में यूरिया की कालाबाजारी का मामला

खंडवा जिले के पंधाना तहसील स्थित रुस्तमपुर में मेसर्स प्रेरणा कृषि सेवा केंद्र के खिलाफ कृषि विभाग ने उर्वरक भंडारण और बिक्री में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में कार्रवाई की है। विभागीय जांच में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड में 1102 बैग यूरिया उपलब्ध दर्शाया गया, जबकि निरीक्षण के दौरान दुकान में एक भी बैग नहीं मिला। इसके अलावा जांच में बिल और स्टॉक रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां भी सामने आई। कृषि विभाग ने थाने में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

उमंग सिँघार ने सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

इसे लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार को घेर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि ‘जब किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा था, तब भाजपा सरकार के संरक्षण में कालाबाज़ारी और फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था।’ नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि रिकॉर्ड में हजारों बोरी खाद उपलब्ध दिखाई गई, लेकिन मौके पर स्टॉक नहीं मिला जिससे पूरे वितरण तंत्र पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि जब किसान खेती के मौसम में खाद के लिए परेशान रहे, तब जिम्मेदार एजेंसियां निगरानी करने में विफल रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार ही व्यवस्था बन चुकी है और किसान इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews