मध्य प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा 10 हजार पार, 200 नए पॉजिटिव केस

मध्य प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा 10 हजार पार, 200 नए पॉजिटिव केस

भोपाल। कोरोना वायरस (Corona Virus) की रोकथाम के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद भी संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी नहीं आई| लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति के बाद पिछले एक सप्ताह में कोरोना ने और रफ़्तार पकड़ ली है| प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार पार हो गया है| बुधवार को राज्य में 200 नए मामले सामने आये| बढ़ते आंकड़े जहां चिंता का विषय बना हुए है, वहीं राहत है कि प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना से स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत बढ़कर 68.6 हो गया है जो शुभ संकेत है।

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 200 नए पॉजिटिव मामलों के साथ मध्यप्रदेश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 10049 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 7150 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 84 रिजेक्ट हो गए। वहीं 6950 नेगेटिव निकले और 200 पॉजिटिव पाए गए। प्रदेश के 14 जिलों में 100 से ज्यादा और 45 जिलों में 10 से ज्यादा संक्रमित मरीज दर्ज किए जा चुके हैं।

प्रदेश में अब तक 427 लोगों की जान कोरोना के कारण जा चुकी हैं| वहीं 6892 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है| पिछले 24 घंटे में 163 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे| पिछले 24 घंटे में इंदौर में 51 भोपाल में 47 नीमच में 10 ग्वालियर में 12 रतलाम में 24 छिंदवाड़ा में 11 नए पॉजिटिव केस सामने आये हैं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews