कोरोना हॉटस्पॉट भोपाल, इंदौर और उज्जैन को मिले 204 डॉक्टर

कोरोना हॉटस्पॉट भोपाल, इंदौर और उज्जैन को मिले 204 डॉक्टर

भोपाल| हॉटस्पॉट (Hotspot) बने भोपाल (Bhopal) इंदौर (Indore) और उज्जैन (Ujjain) में कोरोना से निपटने सरकार बड़े कदम उठा रही है| इन शहरों में अब सरकार ने अतिरिक्त रूप से 204 डॉक्टर (Doctor) उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इनमें से भोपाल में 71, इंदौर में 87 और उज्जैन में 46 चिकित्सकों को पदस्थ किया गया है।

कोरोना संक्रमण के विरुद्ध जारी इस युद्ध में पीपीटी मास्क, सैनिटाइजेशन सामग्री, टेस्टिंग क्षमता, कोविड समर्पित अस्पतालों की संख्या में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में दक्ष डॉक्टरों की कमी नही होने देने के उद्देश्य से प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों से 31 मार्च 2020 को इंटर्नशिप पूर्ण किए 204 बंध-पत्र स्नातक चिकित्सकों को भोपाल, इंदौर और उज्जैन में पदस्थ किया गया है।

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोविड-19 के मरीजों की संख्या को देखते हुए 71 बंधपत्र चिकित्सकों की सेवाएं भोपाल को 87 की सेवाएं इंदौर और 46 की सेवाएं उज्जैन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी गई हैं। चिकित्सकों द्वारा उपस्थित नहीं होने पर एस्मा (मध्यप्रदेश अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छन्नता निवारण अधिनियम 1979) के तहत कार्यवाही की जाएगी। समस्त चिकित्सकों के रहने और भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। चिकित्सकों को प्रतिमाह रूपये 55,000 पारिश्रमिक देय होगा।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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