CORONA IMPACT: कर्फ्यू के बीच कैलाश ने संभाला किचन में मोर्चा, खुद बनाई सब्जी

CORONA IMPACT: कर्फ्यू के बीच कैलाश ने संभाला किचन में मोर्चा, खुद बनाई सब्जी

भोपाल। कोरोना वायरस का संकट देश में भी गहराता जा रहा है। महामारी की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है। लोगों से अपने घरों में रहने और सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में आम से लेकर खास तक हर कोई अपने अंदाज में लॉकडाउन के चलते घर में रहकर अपना समय व्यतीत कर रहा है। जनता को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म अभिनेताओं से लेकर राजनेता तक सभी अपने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर बता रहे है, किस तरह से वो लॉकडाउन में घर में रहकर काम करते हुए अपना समय बिता रहे है। इस बीच भाजपा के तेजतर्रार नेता और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी एक वीडिया सोशल मीडिया सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वे किचन में सब्जी बनाते देखे जा सकते है।

दरअसल यह वीडियो रविवार का है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नागरिकों से एक दिन के लिए घर में रहने की अपील की थी। पीएम मोदी की ‘जनता कफ्र्यू’ अपील का पालन करते हुए कैलाश विजयवर्गीय सारा दिन घर में ही रहे और घर में खाना पकाया। इसका वीडियो उन्होंने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया। करीब एक मिनट के वीडियो में भाजपा नेता रसोई में खाना बनाते हुए नजर आ रहे हैं। विजयवर्गीय ने खुद प्याज और शिमला मिर्च काटी। इसके अलावा अन्य सामग्री डालकर गैस पर खाना बनाया।

अब जबकि देशभर में 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है तो ऐसे में एक बार फिर कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों से अपील कर अपने घरों में रहकर चैत्र नवरात्र और गुड़ीपड़वा की पूजा करने के लिए कहा है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से जनता से अपील करते हुए कहा है कि आज गुड़ीपड़वां है और नवरात्रि पर्व प्रारंभ हो रहा है। लेकिन, कोरोना के खतरे के कारण हम सभी अपने-अपने घरों में कैद हैं! इस समय का ज्यादा से ज्यादा उपयोग ईश्वर की आराधना में लगाएं! ईश्वर की साधना करने के साथ ही दुर्गा सप्तसदी और हनुमान चालीसा का पाठ करें!

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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