
Kamal Nath
मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत को लेकर कमलनाथ ने कहा है कि यह किसी एक कंपनी या दवा की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी है। उन्होंने कहा कि इतने बच्चों की मौत के बाद भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। सरकार ने एक बार फिर औपचारिक कार्रवाई का खेल खेला और कुछ अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया।
पूर्व सीएम ने सवाल किया कि क्या सत्रह मासूमों की जान की कीमत सिर्फ़ एक सस्पेंशन है। उन्होंने पूछा कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे क्यों नहीं दर्ज हो रहे है और मंत्री और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब क्यों नहीं मांगा जा रहा है।
कमलनाथ ने बीजेपी सरकार से किए सवाल
कमलनाथ ने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में इतनी बड़ी घटना के बाद मंत्री इस्तीफा देकर जांच की जिम्मेदारी लेते है। लेकिन मध्यप्रदेश में मौन और बेपरवाही का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी ठोस कदम न उठाए जाने पर सवाल उठाए है। इससे पहले भी वो कह चुके हैं कि ये घटना हमारे स्वास्थ्य-सम्बंधी सिस्टम, निगरानी तंत्र और जवाबदेही की जानलेवा विफलता का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़े हादसे के बाद भी न तो किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया न ही बड़े और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
कहा “सरकार को बच्चों से अधिक अपनी छवि की चिंता”
कांग्रेस नेता ने कहा है कि अब रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गुजरात की दो कंपनियों के सिरप में भी ज़हर मिला है। इसके बाद भी सरकार चुप है। उन्होंने कहा “क्या यह वही डबल इंजन सरकार है जो विकास नहीं, विनाश लेकर आई है? जब बच्चों की जान चली गई है तो कम से कम अब तो जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए थी।” उन्होंने कहा कि नागपुर के अस्पताल में कई बच्चों की हालत अब भी नाज़ुक है, लेकिन सरकार ने न तो किसी विशेष टीम को वहां भेजा न जांच की दिशा तय की। कमलनाथ ने कहा कि यह साबित करता है कि शासन के लिए बच्चों की जान से ज्यादा अहम बात अपनी छवि बचाना है।
मध्यप्रदेश में ज़हरीली कफ़ सिरप से मरने वालों की संख्या 17 तक पहुँच गई है। यह किसी एक कंपनी या दवा की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी है। इतने बच्चों की मौत के बाद भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी स्वास्थ्य मंत्री अपने पद से… pic.twitter.com/51nQPrebVS
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) October 7, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

