उपचुनाव से पहले फिर सक्रिय दिग्विजय, ट्वीट से गरमाई सियासत

उपचुनाव से पहले फिर सक्रिय दिग्विजय, ट्वीट से गरमाई सियासत

भोपाल| कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) उपचुनाव से पहले एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं| अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) और भाजपा (BJP) को घेरने वाले दिग्विजय अब प्रदेश के मुद्दे छेड़ रहे हैं| उनके ट्वीट से अक्सर विवाद खड़े हो जाते हैं, अब दिग्विजय सिंह के ट्वीट से प्रदेश की सियासत गरमा गई है|

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से इस्तीफा देने का साहस दिखाने की बात कही है| उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष का इस्तीफा को लेकर की गई पोस्ट पर रीट्वीट किया है|जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘क्या यह साहस वीडी शर्मा, शिवराज और उनके परिवारजनों के भ्रष्टाचार पर दिखाएंगे’| दिग्विजय के ट्वीट से सियासत गरमा गई| भाजपा की ओर से पलटवार भी शुरू हो गया| दिग्विजय के ट्वीट का जवाब देते हुए बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा “पूर्व वन मंत्री उमंग सिंगार द्वारा आप पर लगाये गए आरोपों की जाँच तो कर लें, फिर देखते हैं, मेडम देंगी, भैया देगा, लल्ला देगा या मुन्ना कौन-कौन देगा इस्तीफा”|

विधानसभा चुनाव से पहले दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा की, और इसके ठीक बाद वे चुनावी तैयारियों में जुट गए थे| प्रदेश भर में उन्होंने चुनावी सभाएं, कार्यकर्ताओं से मुलाकातें की और कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में आ गई| सरकार का हिस्सा न रहते हुए भी दिग्विजय ख़ास भूमिका में रहे | इसको लेकर भाजपा ने कई सवाल भी उठाये| इस बीच दिग्विजय के विधायकों को खरीद फरोख्त के आरोपों से शुरू हुआ सियासी घटनाक्रम एक महीने तक चला और कांग्रेस के हाथ से फिर सत्ता फिसल गई| कांग्रेस छोड़ने वाले 22 विधायकों के कारण प्रदेश में फिर चुनाव होने हैं| 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले एक बार फिर दिग्विजय सक्रिय हो गए हैं| लॉकडाउन के चलते दिग्विजय ट्वीट कर ही प्रदेश की सियासत में खलबली मचा रहे हैं|सियासी गलियारों में यह भी यह चर्चा है कि देखना होगा दिग्विजय की सक्रियता पार्टी को फायदा दिलाती है या नुकसान|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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