शहीदों की याद में बने ऐतिहासिक लाल दरवाजे को तोड़े जाने के खिलाफ दिग्विजय ने उठाई आवाज

शहीदों की याद में बने ऐतिहासिक लाल दरवाजे को तोड़े जाने के खिलाफ दिग्विजय ने उठाई आवाज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को पत्र लिखकर “9वीं इन्फेंट्री भोपाल” (9th infantry bhopal) के शहीदों की याद में बने प्रथम स्मारक रूपी ऐतिहासिक लाल दरवाजे को तोड़े जाने की कार्यावाही तत्काल रोके जाने की मांग की है| उन्होंने फ्रांस में बने वॉर मेमोरियल (War Memorial France) की तरह भोपाल के इस सौ साल पुराने युद्ध स्मारक को संरक्षित एवं सुसज्जित करने के लिए राज्य पुरातत्व विभाग या भारतीय पुरातत्व विभाग को सौंप देने की मांग की है|

पीएम मोदी और सीएम शिवराज को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा ब्रिटिश हुकूमत के समय भारत सरकार की ओर से प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में देश के हजारों सैनिकों ने भाग लेकर अपने प्राणों की आहुति देते हुए पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया| इन सैनिकों ने युद्ध के मोर्चे पर अपनी वीरता और अद्भुत साहस का परिचय दिया था| उस समय भारतीय फौज में अनेक इन्फेंट्री शामिल थी उनमें से एक 9वी इन्फंट्री भोपाल की थी| जिसके 984 सैनिक ने प्रथम विश्व युद्ध में 1914 से 1919 के बीच फ्रांस, जर्मनी, मिस्र के मोर्चे पर तैनात होकर अपने शौर्य का परिचय दिया था | इन सैनिकों की याद में भोपाल स्टेट के समय फतेहगढ़ किले के भीतर एक ‘लाल दरवाजा स्मारक’ बनाकर इन सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए थे| दरवाजे पर लिखे गए लेख आज भी मौजूद है, जिसमें उनकी वीरता का वर्णन है | इन्फेंट्री भोपाल के 36 सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर वीरगति प्राप्त की थी |

दिग्विजय सिंह ने कहा पूरे राष्ट्र को जिस स्मारक पर गर्व होना चाहिए उसे आज की मूल्यहीन राजनीति जमींदोज करना चाह रही है | इस मार्ग से सटाकर सरकार द्वारा पहले तो एक अस्पताल का निर्माण किया गया फिर 1400 विस्तारों के अस्पताल में सिर्फ 70 बिस्तरों को और बढ़ाने के लिए इस ऐतिहासिक स्थल को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है| हमारे देश में यह कैसा दौर है जब इतिहास को संरक्षित करने की जगह उसे मिटाने का कृत्य किया जा रहा है| जबकि 100 साल पुराने इस ऐतिहासिक लाल दरवाजे का राज्य सरकार को संरक्षित कर नया स्वरूप देना चाहिए|

पूर्व सीएम ने पत्र में कहा विश्व युद्ध के समय फ्रांस के मोर्चे पर भारतीय सैनिकों ने शहादत दी थी फ्रांस के इस स्मारक में भोपाल की 9वी इन्फेंट्री के जवानों के नाम दर्ज हैं | दूसरे मुल्क ने हमारे सैनिकों की याद को स्थाई करने के लिए मेमोरियल बनाया है| और हम उनकी यादों से जुड़े स्थलों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं| मेरा मानना है कि फ्रांस में बने वार मेमोरियल की तरह भोपाल के 100 साल पुराने युद्ध स्मारक को संरक्षित एवं सुसज्जित करने के लिए राज्य पुरातत्व विभाग के भारतीय पुरातत्व को सौंप देना चाहिए | दिग्विजय ने पीएम मोदी और सीएम शिवराज से तत्काल इस मामले हस्तक्षेप करते हुए 9वी इन्फंट्री भोपाल के शहीदों की याद में बने प्रथम स्मारक रुपी ऐतिहासिक लाल दरवाजे को तोड़े जाने की कार्यवाही का तत्काल रोके जाने के निर्देश राज्य शासन को दें|

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