गांजा तस्करी विवाद में घिरी मंत्री प्रतिमा बागरी, उमंग सिंघार ने की मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग

यह विवाद तब बढ़ गया जब मंत्री प्रतिमा बागरी के कथित भाई अनिल बागरी और कुछ दिन पहले उनके बहनोई शैलेंद्र सिंह की अलग-अलग राज्यों में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी हुई। मीडिया ने जब इस पर प्रतिक्रिया मांगी तो मंत्री ने आरोपी को अपना सगा भाई मानने से साफ इनकार कर दिया और मीडिया को समझाइश दी कि पहले आप लोग पुष्टि कर लें और फिर कोई रिश्ता जोड़ें।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

सतना जिले में 46 किलोग्राम गांजा जब्ती के बाद गिरफ्तार आरोपी अनिल बागरी को लेकर मचे विवाद के बीच नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने आरोपी से किसी भी पारिवारिक संबंध से साफ इनकार कर दिया है। मीडिया द्वारा रिश्ते से जुड़े सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें दीदी कहकर संबोधित करते हैं, लेकिन इससे कोई व्यक्ति उनका भाई नहीं हो जाता। उन्होंने इसे मीडिया द्वारा अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश बताया

ये मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस पहले ही मंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुकी है और अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि “भाजपा मंत्री के भाई-बहनोई नशीले पदार्थों की तस्करी में पकड़े गए। शर्मनाक यह है कि जब काला सच सामने आया तो मंत्री साहिबा ने अपने ही भाई को पहचानने से इनकार कर दिया। ”

प्रतिमा बागरी ने आरोपी को भाई मानने से इनकार किया

मोहन यादव सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी उस समय विवादों में घिर गईं जब उनके भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र सिंह उर्फ सोम राजवत एक सप्ताह के अंदर अलग-अलग राज्यों में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए। सतना जिले के रामपुर बघेलान पुलिस ने 8 दिसंबर की रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल बागरी और उनके साथी पंकज सिंह को 46 किलोग्राम गांजे (कीमत करीब 9.22 लाख रुपये) के साथ धर दबोचा। इससे पहले 3 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के बांदा में मंत्री के बहनोई शैलेंद्र सिंह को 10.5 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी शहडोल-छत्तीसगढ़ रूट पर लंबे समय से इंटर-स्टेट तस्करी का जाल चला रहे थे।

वहीं, मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक के बाद जब मीडिया ने मंत्री से उनके भाई की गिरफ्तारी पर सवाल किया तो वे भड़क गईं और अनिल बागरी को अपना सगा भाई मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि “पूरे विधानसभा के लोग दीदी-दीदी कहते हैं तो क्या सब मेरे भाई हो जाएंगे? कोई भी अपने आप को रिश्तेदार बता देता है। पहले पुष्टि कर लीजिए।”

उमंग सिंघार ने की इस्तीफे की मांग 

इस मामले पर अब नेता प्रतिपक्ष ने प्रतिमा बांगरी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि “मध्य प्रदेश शासन की राज्यमंत्री प्रतिमा बगरी जी भी धन्य हैं। मंत्री साहिबा और उनके सगे संबंधी सत्ता का भरपूर दुरुपयोग करने में व्यस्त हैं। भाजपा सरकार, जो नशा मुक्त, सादा जीवन और उच्च विचार की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं भाजपा मंत्री के भाई-बहनोई नशीले पदार्थों की तस्करी में पकड़े गए। शर्मनाक यह है कि जब काला सच सामने आया, तो मंत्री साहिबा ने अपने ही भाई को पहचानने से इनकार कर दिया।” उमंग सिघार ने सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने तत्काल मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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