फर्जी प्रमाणपत्र मामले में मंत्री प्रतिमा बागरी को क्लीन चिट, कांग्रेस ने छानबीन समिति के फैसले का किया विरोध, हाई कोर्ट जाएगी

प्रतिमा बागरी ने छानबीन समिति के सामने 110 वर्ष पुरानी खसरा-खतौनी की नकल प्रस्तुत कर बताया कि इसमें बागरी को कहीं भी राजपूत नहीं बताया गया है, न ही उप जाति में उल्लेख है। समिति ने उनके प्रमाण को सही मानते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी।
Minister Pratima Bagri fake SC certificate case clean chit

Minister Pratima Bagri fake SC certificate case clean chit

फर्जी एससी जाति प्रमाणपत्र के आरोप झेल रही प्रदेश सरकार की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के मामले को देख रही राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने क्लीन चिट दे दी है यानि समिति ने उनके प्रमाणपत्र को एस सी जाति का ही माना है, समिति ने कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज कर दिया हालाँकि कांग्रेस ने छानबीन समिति के फैसले को गलत बताया है और कहा हिया कि वो इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाएगी

दरअसल मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र की वैधानिकता पर सवाल उठाये हैं उनका दावा है कि प्रतिमा बागरी ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया है वे अनुसूचित जाति यानि SC वर्ग से नहीं आती वे राजपूत समाज यानि सामने वर्ग से आती हैं उन्होंने फर्जी जाति  प्रमाणपत्र के आधार पर एससी के लिए सुरक्षित सिर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

मामले की शिकायत के बाद सरकार ने राज्य स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया और मामले से जुड़े दस्तावेज और सखी जुटाए, पिछले दिनों राज्य स्तरीय समिति ने  प्रतिमा बागरी को उनके अनुसूचित जाति का होने का दस्तावेजी प्रमाण लेकर 6 जुलाई को अनुसूचित जाति विकास आयुक्त कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए थे, प्रतिमान बागरी ने प्रमाण दिखाए जिसके बाद समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।

मंत्री बागरी को छानबीन समिति ने दी क्लीन चिट 

मंत्री बागरी ने समिति के सामने 110 वर्ष पुरानी खसरा खतौनी की नक़ल प्रस्तुत की जिसमें बागरी को कहीं भी राजपूत नहीं बताया गया और न ही उप जाति का कोई उल्लेख है, मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए समिति को बताया कि कांग्रेस द्वारा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा सीट से महेंद्र बागरी और काशी बागरी को प्रत्याशी बनाया गया है। सतना जिले की रैगांव सीट से (जहां से प्रतिमा विधायक हैं) उनके दादा जुगल किशोर बागरी विधायक रहे। समिति ने ऊ नके दस्तावेज देखने के बाद क्लीन चिट दे दी यानि उनके जाति प्रमाणपत्र को सही माना।

समिति के फैसले के हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस 

शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार ने 430 पेज के दस्तावेज समिति को सौंपे और कहा कि इसमें बागरी जाति के रहन सहन और सभी राज्यों में सामान्य वर्ग का होने का उल्लेख है हालाँकि समिति ने उनका तक ख़ारिज कर दिया, एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए प्रदीप अहिरवार ने छानबीन समिति के फैसले को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुखद घटना बताया, उन्होंने कहा प्रतिमा बागरी का जाती प्रमाणपत्र फर्जी है, वे फर्जी मंत्री हैं और हम ऐसे फर्जी मंत्री को ज्यादा दिनों तक सरकार में रहने नहीं देंगे, हम छानबीन समिति के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जायेंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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