संविदाकर्मियों को सरकार का तोहफा, मानदेय बढ़ाया

संविदाकर्मियों को सरकार का तोहफा, मानदेय बढ़ाया

भोपाल।
निकाय चुनाव से पहले प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने कृषि विभाग के संविदाकर्मियों को बड़ी सौगात दी है।सरकार ने कृषि विभाग के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया गया है।सरकार के इस फैसले के बाद संविदाकर्मचारियों में खुशी की लहर है।इसके पहले सरकार ने फैसला लिया था कि नगरीय निकाय के संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। यह प्रक्रिया मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले की जाएगी।

दरअसल, संविदाकर्मचारी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने मान लिया है। कमलनाथ सरकार ने कृषि विभाग के संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है।इस आदेश के बाद अब से ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 25 हजार की जगह 30 हजार रुपए दिया जाएगा।
ब्लॉक सहायक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 15 हजार की जगह पर 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।वही लेखापाल को 12984 के स्थान पर 22 हजार 250 रुपए मिलेंगे।

निष्कासित संविदाकर्मियों की बहाली

इसके अलावा कमलनाथ सरकार ने बड़ी राहत लेते हुए पिछली सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निष्कासित हुए 648 संविदा कर्मचारियों की वापसी का ऐलान किया है। वॉटर शेड मिशन में कार्यरत संविदा कर्मियों को निष्कासित कर दिया गया था।जिसके बाद कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर कई प्रदर्शन और आंदोलन भी किए थे, कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले इन्हें बहाल करने का वादा किया था, जिसे अब वो पूरा कर रही है।सरकार ने इनकी बहाली के आदेश जारी कर दिए है। सीएम के ऐलान के बाद हाई पॉवर कार्य परिषद ने नौकरी में वापसी को मंजूरी दी। कार्य परिषद के अध्यक्ष सीएस एसआर मोहंती हैं।साथ ही पर्यटन विभाग के आउट सोर्स कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति का ऐलान किया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews