कुत्तों और घोड़ों के लिए सरकारी Pension का विधेयक लाएगी सरकार, साल के आखिर में होगा पेश

कुत्तों और घोड़ों के लिए सरकारी Pension का विधेयक लाएगी सरकार, साल के आखिर में होगा पेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सरकारी नौकरी की चाहत हर किसी को होती है। जॉब सिक्योरिटी, समय पर वेतन सहित सरकारी नौकरी का सबसे बड़ा लाभ रिटायरमेंंट के बाद मिलने वाली पेंशन (Pension) है। ये बुढ़ापे में व्यक्ति के लिए बड़ा सहारा होती है। अब इसी कड़ी में सरकार, सरकारी सेवा से रिटायर होने वाले कुत्तों और घोड़ों को भी पेंशन देने की योजना बना रही है। हालांकि ये योजना भारत में नहीं, पोलैंड में बन रही है।

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पुलिस, बॉर्डर गार्ड और दमकल विभाग में सेवाएं देने वाले कुत्तों और घोड़ों के लिये सरकार ने सोचा है कि उन्हें भी रिटायरमेंट के बाद पेंशन (Pension) दी जाए। इससे उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी। अभी होता है ये कि सेवारत कुत्तों और घोड़ों के रिटायर होने के बाद उनकी सरकारी देखभाल बंद हो जाती है। इसके बाद पशुओं को किसी गैर सरकारी संस्था या ऐसे लोगो के हवाले कर दिया जाता है जो उन्हें गोद लेना चाहते हैं।

लेकिन अब सुरक्षा बल और पुलिस सदस्यों की मांग पर गृह मंत्रालय ने एक ऐसे कानून का प्रस्ताव रखा है जिसके अंतर्गत सरकारी सेवा में काम करने वाले कुत्तों और घोड़ों को आधिकारिक दर्जा मिले साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन भी मिल सके। इससे उनके नए मालिक पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा और वो खुशी खुशी उनकी देखभाल का जिम्मा संभाल सकेगा। गृह मंत्री मॉरिस कमिन्सकी ने प्रस्तावित कानून के मसौदे को नैतिक जिम्मेदारी बताया है और कहा है कि इसे संसद में सहमति मिलनी चाहिए। ये विधेयक इस साल के आखिर तक संसद में पेश होगा। इस प्रकार उम्मीद है कि पोलैंड में कुछ समय बाद कुत्ते और घोड़े भी सरकारी पेंशन के हकदार होंगे और फिर उनका बुढ़ापा सुख से कट सकेगा।

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Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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