बिना पात्रता पर्ची वालों को भी नि:शुल्क राशन देगी सरकार

बिना पात्रता पर्ची वालों को भी नि:शुल्क राशन देगी सरकार

भोपाल| लॉक डाउन के बीच राशन के लिए परेशान हो रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है| अब प्रदेश के 32 लाख ऐसे व्यक्तियों को भी नि:शुल्क राशन मिलेगा जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चियां नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर इन्हे एक माह का राशन सरकार के कोटे से दिया जाएगा| चार किलो गेहूँ एवं एक किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रदान किया जाएगा।

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में 31 लाख 81 हजार 525 ऐसे व्यक्ति हैं, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 पात्रता श्रेणियों में तो आते हैं, लेकिन उन्हें वर्तमान में उचित मूल्य राशन प्राप्त करने की पात्रता नहीं है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 में प्रदेश में योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चीधारियों की संख्या 5 करोड़ 46 लाख निर्धारित किए जाने से इन्हें पात्रता नहीं है। अब राज्य शासन ने इन्हें अपने कोटे से एक माह का नि:शुल्क राशन दिए जाने का निर्णय लिया है। राज्य के समग्र सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर इनका नाम दर्ज है।

उन्होंने बताया खाद्यान्न वितरण के लिए प्रदेश के इन 8 लाख 8 हजार 946 परिवारों के 31 लाख 81 हजार 525 सदस्यों के लिए राज्य स्तर से 12 हजार 726 मीट्रिक टन गेहूँ तथा 3 हजार 181 मीट्रिक टन चावल का कोटा जारी किया जा चुका है। बिना पात्रता पर्ची वाले सभी व्यक्ति सुविधानुसार अपने आस-पास की किसी भी उचित मूल्य दुकान से यह राशन प्राप्त कर सकेंगे। राशन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश कलेक्टर्स को दिए गए हैं|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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