जीआरपी भोपाल का ‘ऑपरेशन हमदर्द’ सफल, रेलवे स्टेशन से मिली बच्ची को परिजनों तक पहुंचाया

भोपाल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में मिली बच्ची की पहचान के बाद पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति की मदद से उसे परिजनों तक पहुंचाया।
ऑपरेशन हमदर्द की सफलता: भोपाल रेलवे स्टेशन पर मिली नाबालिग बच्ची सुरक्षित परिवार से मिली

भोपाल रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान जीआरपी की सतर्कता से एक नाबालिग बच्ची सुरक्षित बचा ली गई। बच्ची प्लेटफॉर्म पर अकेली और संदिग्ध स्थिति में घूमती मिली थी।

पुलिस ने उससे बातचीत कर उसकी पहचान की और तुरंत बाल सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई को जीआरपी के ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत अंजाम दिया गया, जिसका मकसद रेलवे स्टेशनों पर लावारिस, गुमशुदा या जोखिम में मिले बच्चों को सुरक्षित संरक्षण देना है।

बच्ची सुरक्षित परिजनों को सौंपी

पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम नंदिनी बताया और कहा कि वह पिपरिया, जिला नर्मदापुरम की रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि वह बिना किसी को बताए घर से निकल आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने उसे सुरक्षित थाने लाकर चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दी। इसके बाद उसके परिवार से संपर्क कर पिता को भोपाल बुलाया गया और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया गया।

ऑपरेशन हमदर्द के तहत कैसे हुई कार्रवाई?

रेलवे स्टेशन ऐसे स्थान हैं जहां हर दिन हजारों लोग आते-जाते हैं। इसी वजह से कई बार गुमशुदा, लावारिस या घर से निकले बच्चे भी यहां पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में जीआरपी और आरपीएफ नियमित जांच अभियान चलाती हैं ताकि बच्चों को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके। भोपाल में भी प्लेटफॉर्म चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर बच्ची पर पड़ी और उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत जरूरी कदम उठाए गए।

जांच के दौरान पुलिस ने बच्ची की पूरी जानकारी जुटाई और यह सुनिश्चित किया कि उसे सुरक्षित माहौल मिले। इसके लिए बाल संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय बनाकर बच्ची की काउंसलिंग और पहचान की प्रक्रिया पूरी कराई।

बाद में परिजनों को बुलाकर सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली जिम्मेदारी होती है और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

पिता पर जेजे एक्ट के तहत मामला

मामले की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बच्ची से भिक्षावृत्ति कराई जा रही थी। इस आधार पर जीआरपी भोपाल ने पिता के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) एक्ट की धारा 76 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसी भी आरोपी की जिम्मेदारी का अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही तय होगा।

Bhawna Choubey
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