मप्र में झमाझम का दौर शुरू, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मप्र में झमाझम का दौर शुरू, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में मानसून (Monsoon) पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिसके चलते झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है| शनिवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी है और शाम से कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है| मौसम विभाग ने भोपाल , इंदौर और उज्जैन संभागों के साथ ही कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain Alert) का येलो अलर्ट जारी किया है| अगले पांच दिन में मानसून से प्रदेश में अच्छी बारिश होगी।

मौसम विभाग का अनुमान है कि समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक, एक चक्रवाती संचरण सुदूर पश्चिम तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा पश्चिम मध्य और सटे पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसके कारण, आगामी 4 से 5 दिनों के दौरान, पूर्वी और सटे हुए मध्य भारत में अनेक स्थानों से अधिकांश स्थानों पर वर्षा और गरज चमक के साथ बौछारों के साथ कहीं कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उज्जैन, भोपाल, सागर संभागों के जिलों में और होशंगाबाद, बैतूल, इंदौर, धार, खरगौन, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, रीवा और सतना जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा जबलपुर संभागों के जिलों के अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इधर, रीवा, सागर, शहडोल, भोपाल, उज्जैन, होशंगाबाद, इंदौर, गुना और अशोकनगर जिले में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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