वीरेंद्र की मौत से दुखी गृहमंत्री, बोले- केजरीवाल सरकार की अकर्मण्यता से दम तोड़ा

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भोपाल।

भोपाल निवासी वीरेंद्र (Bhopal resident Virendra)की कोरोना से मौत पर गृह , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा (Minister of Home, Public Health and Family Welfare, Dr. Narottam Mishra) ने दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली- मुंबई(Delhi – Mumbai) की सरकारों के द्वारा सिर्फ बातें की जा रही हैं। यदि सरकार काम कर रही होती तो इस प्रकार से 5 दिन भटकना नहीं पड़ता।

डॉ मिश्रा ने बताया कि प्रदेश की सरकार ने वीरेन्द्र को समुचित उपचार देकर बचाने के समस्त प्रयास किए , लेकिन उपचार में अत्यधिक विलंब हो जाने कारण उसे नहीं बचाया जा सका।मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लिए सभी आवश्यक इंतजाम पर्याप्त मात्रा में किये हैं। आज प्रदेश में रिकवरी रेट 65% से ज्यादा है। प्रदेश में कोरोना से बचाव और उपचार की तैयारी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के दिशा निर्देशों के अनुरूप की गई है आज प्रदेश में 80000 बेड की व्यवस्था है ।

दरअसल, भोपाल निवासी वीरेन्द्र की रविवार सुबह 4 बजे कोरोना से हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई।वे दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के लिए पांच दिन भटकने के बाद शनिवार सुबह निजामुद्दीन-हबीबगंज एक्सप्रेस से भोपाल आए थे। यहां जब तक उन्हें इलाज मिला, तब तक कुछ बाकी नहीं बचा था। वीरेंद्र के साथ एस-10 कोच में आए यात्रियों को ढूंढा जा रहा है। अस्पतालों की असंवेदनशीलता के कारण वीरेंद्र का चार लोगों का परिवार चार हिस्सों में बंट गया।

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