फिर चर्चा में IAS अधिकारी नियाज़ खान, अब अरब कल्चर के खिलाफ खोला मोर्चा, रामेश्वर शर्मा ने किया समर्थन

आई ए एस नियाज़ खान ने कहा है कि भारत की संस्कृति का सभी मुस्लिम भाई सम्मान करना सीखें। भौतिक सुख और विलासिता में डूबे अरबी हमारे नहीं हैं। यहां के हिंदू हमारे हैं क्यों कि हम सब यहीं से निकले हैं।  
IAS Niyaz Khan

अपनी किताबों, बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में रहने वाले  IAS अधिकारी नियाज़ खान एक बार फिर चर्चा में हैं इस बार उन्होंने भारत में अरब देशों के बढ़ते कल्चर का विरोध किया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत को अब अरब नहीं बनने दिया जाएगा। यहां की संस्कृति का सभी मुस्लिम भाई सम्मान करना सीखें।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियाज़ खान इस्लाम के साथ साथ सनातन धर्म और हिन्दू संस्कृति, भारतीय परम्पराओं पर मुखर होकर बोलते हैं, वे इस्लाम के नाम पर फैलाये जा रहे कट्टरपंथ को सही नहीं मानते, उनकी किताब ब्राह्मण द ग्रेट को लेकर वे बहुत चर्चा में रहे हैं, अब उन्होंने अरब के पहनावे का भारत में बढ़ते चलन का विरोध किया है।

अरब संस्कृति को भारत में घुसने नहीं दिया जाएगा

IAS नियाज़ खान ने X पर लिखा-  इस्लाम अरब के लोगों ने फैलाया और परिणाम भारत के तीन हिस्से हो गए। भविष्य में अरब संस्कृति को भारत में घुसने नहीं दिया जाएगा। अभी भी कहीं कहीं अरब का लिबास, एक लंबा कपड़ा और सर पर रिंग लगा कपड़ा देखने को मिलता है। ऐसे लोग जो सुख भोगी अरब के कपड़े पहनते हैं वे बंद कर दें भारत के लिए।

भारत की संस्कृति का सभी मुस्लिम भाई सम्मान करना सीखें

आगे उन्होंने लिखा-  भारत को अब अरब नहीं बनने दिया जाएगा। यहां की संस्कृति का सभी मुस्लिम भाई सम्मान करना सीखें। भौतिक सुख और विलासिता में डूबे अरबी हमारे नहीं हैं। यहां के हिंदू हमारे हैं क्यों कि हम सब यहीं से निकले हैं। अरब के लोगों को केवल धन से मतलब है यहां के मुसलमानो से कुछ लेना देना नहीं है।

BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया समर्थन   

उधर नियाज़ खान के बयान का भाजपा विधायक और प्रखर हिंदूवादी नेता रामेश्वर शर्मा ने समर्थन किया है, मीडिया से बात करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नियाज़ खान बहुत विद्वान व्यक्ति है उन्हें साहित्य, भारतीय परंपरा और सनातन की अच्छी समझ है वे जब भी बोलते हैं सोच समझकर बोलते हैं मैं उनकी बात का समर्थन करता हूँ।

https://twitter.com/saifasa/status/1934799928364335549

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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