गहने खरीदना है तो पहले जरा चेहरा दिखाइये, पहचान के बाद ही मिलेगी एंट्री

गहने खरीदना है तो पहले जरा चेहरा दिखाइये, पहचान के बाद ही मिलेगी एंट्री

भोपाल

कोरोना काल कई तरह की तब्दीलियों के लिये जाना जाएगा, जिसमें एक बड़ी भूमिका है मास्क की। फिलहाल तो स्थिति ये है कि अगर आपका कोई रिश्तेदार या पड़ोसी भी आपको कहीं दिख जाए तो आप उसे पहचान नहीं पाएंगे क्योंकि उसका आधा चेहरा मास्क से ढंका होता है। लेकिन पुलिस को चिंता है कि सुरक्षा के लिये उठाया जाने वाला ये कदम ही कहीं अपराधों की वजह न बन जाए, इसीलिये अब मास्क को लेकर एक खास निर्देश जारी किया गया है।

जब आप किसी एटीएम में जाते हैं तो बाहर दिशानिर्देशों में एक पाइंट ये भी होता है कि आप अंदर चेहरा ढंककर या हेल्मेट पहनकर नहीं जा सकते। इसके पीछे वजह होती है कि  वहां लगे सीसीटीवी में आपकी पहचान सुनिश्चिति की जाए। अब भविष्य में ऐसा ही कुछ होगा जब आप गहने खरीदने किसी ज्वेलरी शॉप पर जाएंगे तब। पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा एक आदेश जारी किया गया है जिसमें कहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद अगर आप किसी ज्वेलरी शॉप, मॉल के शोरूम या नकदी लेनदेन करने वाली कंपनियों, गोल्ड लोन देने वाले कंपनी आदि में जाते हैं तो पहले एक बार सीसीटीवी के सामने अपने चेहरे का मास्क हटाकर अपनी पहचान दिखानी होगी, उसी के बाद आपको प्रवेश दिया जाएगा। इसके पीछे यही कारण है कि कहीं मास्क या चेहरा ढंकने की आड़ में अपराधी किसी वारदात को अंजाम न दें। वैसे भी गहनों की दुकानें या बैंक आदि हमेशा से अपराधियों के निशाने पर सबसे ऊपर रहते हैं। इसीलिये किसी संभावित अपराध से बचने के लिये पुलिस मुख्यालय द्वारा आदेश जारी किया गया है कि ऐसे स्थानों पर किसी भी व्यक्ति को पहले सीसीटीवी के सामने अपना मास्क हटाकर चेहरा दिखाना होगा, फिर सीसीटीवी के सामने ही मास्क लगाना होगा ताकि चोरी के अलावा संक्रमण के खतरे से भी बचा जा सके। इसके लिये इन सभी स्थानों के बाहर नोटिस चस्पा किया जाएगा जिसमें इसे लेकर निर्देश लिखे होंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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