किसानों के लिए जरूरी खबर, कोदो-कुटकी उपार्जन के लिए पंजीयन का आज अंतिम अवसर, MSP पर सरकार कर रही खरीदी

14 अक्टूबर को हुई मध्य प्रदेश की कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने MSP पर कोदो-कुटकी के उपार्जन का बड़ा फैसला लिया था, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसकीMSP भी निर्धारित की गई थी।
Kodo-Kutki

मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार कोदो-कुटकी को MSP पर खरीदने का फैसला लिया है, इस फैसले के बाद प्रदेश के उन जिलों के किसानों को फायदा होगा जो कोदो-कुटकी का उत्पादन करते हैं लेकिन उचित दाम नहीं मिलने से परेशान रहते हैं, अब से सरकार उनकी उपज खरीदेगी ये फैसला कैबिनेट कर चुकी है।

कोदो-कुटकी के उपार्जन के लिए सरकार पंजीयन करा रही जो किसान अपनी उपज बेचना चाहते हैं वे वहां रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं लेकिन ध्यान रहे आज 31 अक्टूबर पंजीयन कराने की लास्ट डेट है, आज यदि किसान ने पंजीयन नहीं कराया तो वो सरकार को MSP पर अपनी उपज बेच नहीं पायेगा।

31 अक्टूबर पंजीयन का अंतिम अवसर 

उल्लेखनीय है कि शुरुआत में शासन ने खरीफ वर्ष 2025 के लिए  ई-उपार्जन पोर्टल पर कोदो-कुटकी उपार्जन के लिए पंजीयन 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक तय किये थे लेकिन किसानों की मांग पर इसे बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया था, अभी तक की जानकारी के मुताबिक इस अवधि में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

कोदो की MSP 2500, कुटकी की 3500 रुपये प्रति क्विंटल 

यहाँ बता दें 14 अक्टूबर को हुई मध्य प्रदेश की कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने MSP पर कोदो-कुटकी के उपार्जन का बड़ा फैसला लिया था, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसकी न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया गया था, बैठक में जानकारी दी गई थी कि खरीफ 2025 में उत्पादित श्रीअन्न कुटकी 3500 रुपये प्रति क्विंटल एवं कोदो 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग 30 हजार मेट्रिक टन का उपार्जन किया जायेगा।

MP के 16 जिलों में होगा उपार्जन  

रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत श्रीअन्न प्रोत्साहन कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा मध्य प्रदेश के 16 जिलों में कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा, जिन जिलों में कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा वो जिले हैं जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मैहर, सतना, मऊगंज, बालाघाट एवं सिवनी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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