आंदोलन के जवाब में किसान सम्मलेन की तैयारी, कृषि कानून के फायदे बताएगी भाजपा

आंदोलन के जवाब में किसान सम्मलेन की तैयारी, कृषि कानून के फायदे बताएगी भाजपा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| कृषि कानून (Farmers Bill) के खिलाफ देश भर में मचे बवाल के बाद अब भाजपा (BJP) ने मोर्चा संभाल लिया है| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में भाजपा किसानों को साधने की कोशिशों में जुट गई है| हालाँकि किसान आद्नोलन का अधिक असर प्रदेश में नहीं है| आने वाले समय में प्रदेश के 8 बड़े जिलों में सम्मेलन करने की तैयारी है| जिसमे कृषि कानून के फायदे बताकर किसानों की नाराजगी दूर की जायेगी|

दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे किसान (Farmers Protest) इस कानून को निरस्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं| आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस समेत कई पार्टियां आ गई है| वहीं केंद्र सरकार कानून को किसानों के हित में बता रही है| लेकिन किसानों की नाराजगी और विपक्ष के आरोपों के बाद केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है| इसको लेकर अब बीजेपी देश भर में किसानों को कानून के बारे में जानकारी देगी|

मध्य प्रदेश में भी भाजपा रणनीति बना रही है| बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन किया है| पार्टी किसान सम्मलेन आयोजित करने की तैयारी कर रही है| किसानों को सीएम हाउस भी बुलाया जा सकता है| बीजेपी शुरू से यह कह रही है कि विपक्ष के नेता किसानों को इस नए कृषि बदलावों को लेकर बरगला रहे हैं। अब बीजेपी ने किसानों के बीच जाकर उन्हें इस नए कृषि बिल के बारे में जागरूक करने का प्लान बनाया है। देश भर में बीजेपी की योजना है कि वो प्रेस कॉन्फ्रेंस, चौपाल और जन संपर्क आयोजित कर किसानों को इस बिल के फायदों के बारे में समझाएगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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