राज्यसभा चुनावों की हलचल के बीच समर्थक मंत्री ने सिंधिया को लेकर की ये मांग

राज्यसभा चुनावों की हलचल के बीच समर्थक मंत्री ने सिंधिया को लेकर की ये मांग

भोपाल।

चुनाव आयोग द्वारा राज्यसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी हलचल तेज हो चली है। एमपी में तीन सीटों पर चुनाव होना है, फिलहाल एक सीट कांग्रेस और दो भाजपा के पास है।संख्याबल के हिसाब से कांग्रेस के पाले में दो सीटे आने की उम्मीद है। दिग्विजय एक बार फिर राज्यसभा जाने की तैयारी में है, वही कोई बड़ा पद ना मिलने के चलते पार्टी से नाराज चल रहे  कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा जाने की अटकलें तेज है. इसी बीच कमलनाथ सरकार में सिंधिया गुट के माने जाने वाले समर्थक मंत्री गोविंद राजपूत का बड़ा बयान सामने आया है।

दरअसल मंगलवार को ही राज्यसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा हुई है और मध्य प्रदेश की तीन खाली हो रही सीटो में से दो सीटें कांग्रेस के खाते में जाना तय है। गोविंद राजपूत ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा में तो भेजा ही जाना चाहिए साथ ही साथ उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया जाना चाहिए ।गोविंद राजपूत का कहना है कि सिंधिया दोनों पदों के लिए पर्याप्त योग्य उम्मीदवार हैं और अगर यदि कांग्रेस ऐसा निर्णय लेती है तो संगठन और सरकार दोनों ही मजबूत होंगे। गोविंद राजपूत का यह बयान उस समय आया है जब मध्यप्रदेश में सिंधिया का खेमा पूरी ताकत के साथ इस समय सिंधिया के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और सरकार और सिंधिया के बीच में खाई साफ तौर पर दिखाई दे रही है ।

सोमवार को भी गुना में पूर्व निर्धारित दिग्विजय-सिंधिया की मुलाकात सड़क पर ही सिमटने से इस कयास को और बल मिला है कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस किसे राज्यसभा भेजती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews