“UCC के नाम पर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है MP सरकार” जीतू पटवारी का आरोप, कहा- पहले इन सवालों का जवाब दे बीजेपी

कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी बताए "मोदी गारंटियां" कब पूरी होंगी। उन्होंने आदिवासियों से किए गए वादों, आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
Jitu Patwari

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मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार की पहल पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पहले आदिवासी समाज से किए गए वादों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी के नाम पर प्रदेश के वास्तविक और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

जुलाई में शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि राज्य सरकार यूसीसी का विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई है कि विधेयक इसी सत्र में पारित हो सकता है।

जीतू पटवारी ने सरकार से किए सवाल

जीतू पटवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव यूसीसी के नाम पर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने कहा कि UCC के नाम पर प्रदेश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाले मुख्यमंत्री को पहले जनता के इन सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने सवाल करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि आदिवासियों के लिए की गई ‘मोदी गारंटियां’ कब पूरी होंगी। उन्होंने आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि लापता और उत्पीड़न की शिकार हो रही आदिवासी बहनों को न्याय और सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल किया कि यदि यूसीसी इतना ही आवश्यक है, तो सरकार स्पष्ट करे कि इससे आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को प्रचार नहीं, बल्कि इन महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब चाहिए।

UCC विधेयक को लेकर सरकार की तैयारियां जारी

बता दें कि सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता विधेयक लाने की तैयारी में है। इसी क्रम में आज भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में यूसीसी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, आयोगों के सदस्यों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। यूसीसी के विभिन्न कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं पर सुझाव लिए गए तथा संबंधित पक्षों की राय जानी गई। राज्य सरकार का कहना है कि यूसीसी के माध्यम से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति संबंधी मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विपक्ष लगातार आदिवासी समुदायों, पारंपरिक व्यवस्थाओं और विशेष संवैधानिक संरक्षण प्राप्त वर्गों पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल कर रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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