लोहा बाजार जमीन मामला: व्यापारी का आरोप, चंद्रगोपाल ने 34 लाख हड़पे और रजिस्ट्री भी नहीं करा रहा

लोहा बाजार जमीन मामला: व्यापारी का आरोप, चंद्रगोपाल ने 34 लाख हड़पे और रजिस्ट्री भी नहीं करा रहा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| राजधानी भोपाल (Bhopal) के लोहा बाजार (Loha Bazar) इलाके में स्थिति दुकान  का विक्रय अनुबंध हुआ और 34 लाख रुपए भी ले लिए, लेकिन रजिस्ट्री कराने के पूर्व यह पता चला कि जिस दुकान (Shop) का जिसने लाखों रुपए बतौर विक्रय अनुबंध के तहत लिए वह दुकान उसके नाम है ही नहीं, दुकान किसी अन्य के नाम हैं| मामला लोहा बाजार इलाके में पिछले दो साल से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद (Property Case) का है, जिसमे हालही में 85 वर्षीय बर्तन व्यापारी चंद्र गोपाल हयारण द्वारा कीर्तेश ओसवाल पर कब्जा करने का आरोप लगाया था| अब इस मामले में कीर्तेश ओसवाल का पक्ष सामने आया है, उन्होंने चंद्र गोपाल हयारण पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चंद्र गोपाल ने अपनी वृद्धावस्था का विश्वास दिला कर धोखाधड़ी की और उसके लिए रुपए हड़प लिए और अब उल्टा झूठा आरोप लगा रहे हैं|

कीर्तेश ओसवाल ने बताया कि चंद्र गोपाल ने जिस दुकान का सौदा किया, दरअसल वह किसी अन्य के नाम की है, जिसे अपने नाम का बताया और झांसा देकर 34 लाख रुपए हड़प लिए| अब चंद्र गोपाल ने प्रतिष्ठित लोगों पर झूठा आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की है| उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की लेकिन चंद्र गोपाल और उनके लोगों की पहुँच के कारण इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई| वृद्धावस्था का हवाला देकर वो उलटा हम पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि वो न हमारी रकम वापस दे रहे हैं और न ही रजिस्ट्री करा रहे हैं| यह मामला मई 2018 से चल रहा है|

श्री ओसवाल ने बताया कि मई 2018 में चन्द्रगोपाल, शैलेश, व योगेश हयारण ने दुकान का विक्रय अनुबंध किया, जिसमे उन्होंने 34 लाख रुपए ले लिए| रजिस्ट्री कराने से पहले पता चला कि यह दुकान काशीराम के नाम पर है| जब हमारे द्वारा उनसे रुपए वापस मांगे गए तो उनके द्वारा आनाकानी की गई, वहीं उनके लड़के शैलेश, योगेश और अर्चित ने बदमाशी करते हुए मारपीट की, हमारे सुरक्षा गार्ड को पीटा, मजदूरों को पीटा | साथ ही अपनी पहुँच का इस्तेमाल कर अपने खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी नहीं होने दी| उनके द्वारा लगातार धमकी भी दी गई, इसकी शिकायत भी पुलिस में की गई| इस सम्बन्ध में उन्होंने डीआईजी, एएसपी, सीएसपी, टीआई से भी गुहार लगाई लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं हुई|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews