‘लव जिहाद’ पर SIT के गठन के बाद विश्वास सारंग की कड़ी चेतावनी, कहा ‘धर्म परिवर्तन की साजिश को किसी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’

उन्होंने कहा कि पहले भी मध्य प्रदेश में हमने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम कानून बनाया था और इसी के तहत कार्रवाई भी की गई थी। अब प्रदेश स्तर पर एसआईटी का गठन किया गया है और यह सुनिश्चित है कि इस तरह की हरकत करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
Bhopal Garba ID Proof

Garba and Dandiya ID Proof

Vishwas Sarang’s Warning After SIT Formation : मध्य प्रदेश सरकार ने ‘लव जिहाद’, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन पर लगाम कसने के लिए स्टेट एसआई का गठन किया है। इसे लेकर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि प्रदेश में पहले ही धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम बना चुका है और इसके तहत कई कार्रवाई की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय SIT का गठन गठन किया गया है और ऐसे लोगों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

एसआईटी की कमान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अभय सिंह को सौंपी गई है और टीम में कुल चार आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे। जांच टीम का मुख्य उद्देश्य इस तरह के मामलों की निगरानी और उनकी जांच करना है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, उप पुलिस महानिरीक्षकों और संबंधित एजेंसियों को एसआईटी का सहयोग करने के निर्देश जारी किए हैं।

विश्वास सारंग ने दी चेतावनी

कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसे निंदनीय करार दिया और कहा कि इस तरह के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने इस तरह की घटनाओं को योजनाबद्ध साजिश बताया और कहा कि इसका उद्देश्य धर्म परिवर्तन कराना है, जो किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम बनाया जा चुका है और अब एसआईटी का गठन किया गया है। सारंग ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई ऐसी हिमाकत न करे।

लव जिहाद रोकने के लिए एसआईटी का गठन

बता दें कि एमपी में लव जिहाद, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामलों की जांच अब राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने एसआई का नेतृत्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अभय सिंह को सौंपा है। उनके साथ इस टीम में कुल चार आईपीएस अधिकारी शामिल रहेंगे, जो इस तरह के मामलों की गहराई से जांच और समन्वय का जिम्मा संभालेंगे। यह फैसला प्रदेश में हाल ही में सामने आए घटनाक्रमों के मद्देनज़र लिया गया है, जिनमें अंतरधार्मिक संबंधों को लेकर तनाव और हिंसा की स्थिति उत्पन्न हुई थी।

“साभार: एएनआई”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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