LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, बोले- सरकार की विफलताओं का बोझ उठाती रहेगी जनता

उमंग सिंघार ने कहा- राहुल गांधी लगातार देश में गहराते ऊर्जा संकट को लेकर सरकार को चेतावनी देते रहे हैं, लेकिन कोम्प्रोमाईज़ड प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
Umang Singhar

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ईरान इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है, पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता के संकट की ख़बरों के बीच कंपनियों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफे की घोषणा की है, तेल कम्पनियों ने अचानक से घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का ऐलान किया है, कीमतों में वृद्धि का कांग्रेस ने विरोध किया है।

सरकारी तेल कम्पनियों ने आज घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ाने की घोषणा की है, इस वृद्धि के साथ दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये की जगह 913 रुपए का हो गया है। मुंबई में इसकी नई कीमत 912.50 हो गई है जो पहले 852.50 थी। चेन्नई में इसकी कीमत 868.50 रुपये की जगह 928.50 रुपये हो गई है। संशोधित दर आज से प्रभावी हो गई है।

उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार को घेरा 

गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि का कांग्रेस ने विरोध किया है, उन्होंने X पर लिखा- घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी, पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा राहुल गांधी लगातार देश में गहराते ऊर्जा संकट को लेकर सरकार को चेतावनी देते रहे हैं, लेकिन कोम्प्रोमाईज़ड प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।

नीतिगत विफलता का खामियाजा भुगत रही जनता 

उमंग सिंघार ने कहा- आज उसी नीतिगत विफलता का खामियाजा देश की आम जनता बढ़ती गैस कीमतों और महंगाई के रूप में भुगत रही है। आखिर कब तक जनता सरकार की विफलताओं का बोझ उठाती रहेगी?

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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