मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र आज, महिला आरक्षण पर होगी चर्चा, हंगामे के आसार

मध्य प्रदेश विधानसभा का आज 11 बजे एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें महिला आरक्षणके मुद्दे पर चर्चा होगी। ​इस एक दिवसीय सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी कमर कस ली हैय़
MP vidhansbha

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सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। विशेष सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय ने विधायकों को नियमों के तहत चर्चा में भाग लेने की अपील की है। इस विशेष सत्र का प्रमुख उद्देश्य ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) पर व्यापक चर्चा करना है।

सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व विधायकों और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव सदन में एक सरकारी संकल्प पेश करेंगे, जिसमें संसद और देश की सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू और परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की जाएगी।

इस सत्र में मोहन सरकार कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाने की तैयारी में है। विधानसभा के बाद नगरीय निकायों में भी इसी तरह निंदा प्रस्ताव लाए जाएंगे। इससे पहले सोमवार को भोपाल में भाजपा द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में आक्रोश रैली भी निकाली गई थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि “विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है” और विधानसभा के माध्यम से वह जनता तक यह संदेश पहुँचाना चाहते हैं। इसके बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक जमकर बयानबाजी चली।

वहीं कांग्रेस ने भी इसके जवाब में भोपाल में महिला कांग्रेस ने पैदल मार्च निकाला था और प्रदर्शन किया था। रविवार (26 अप्रैल 2026) को भी कांग्रेस ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर बड़ा पैदल मार्च निकाला। इसका नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया। उनके साथ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।

​इस एक दिवसीय सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी कमर कस ली है।  कांग्रेस सत्र में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के बजाय मौजूदा सीटों पर ही 2023 में पारित बिल के अनुसार 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने का मुद्दा उठाएगी। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक के गिरने के बाद हो रहे इस सत्र में जोरदार हंगामेदार होने के आसार हैं।

गौैरतलब है कि सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया गया था, जिसे केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू (Notify) कर दिया है। इसके बाद सरकार 2023 के कानून में कुछ बदलाव करने के लिए ‘131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026’ लाई। इसमें लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, ताकि महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बाद भी पुरुषों की मौजूदा सीटों में कमी न आए। जिस पर17 अप्रैल 2026 को वोटिंग कराई गई। लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिलने के चलते लोकसभा में बिल गिर गया । इसके पक्ष में 298 और ​विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन के लिए 352+ वोटों (2/3) की जरूरत थी। 54 वोटों की कमी के कारण बिल पास नहीं हो सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही बीजेपी कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर हमलावर है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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