MP News : सरकार निकालेगी “सुगम्य यात्रा”, दिव्यांगजन की सलाह से बनाया जाएगा “सुगम वातावरण”

दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा।
Divyaangjan

MP News : दिव्यांगजनों को बाधारहित वातावरण यानि सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है , प्रदेश सरकार का  सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग इस दिशा में एक पहल कर रहा है, सरकार अब दिव्यांगजनों की सहायता से ही उनके लिए सुगम वातावरण बनाएगा।

दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। इस निर्णय में उनकी सलाह महत्वपूर्ण होगी। इसके लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की “सुगम्य यात्रा” का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

प्रत्येक जिले में निकलेगी सुगम्य यात्रा

प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में “सुगम्य यात्रा” निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजनों को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा जिससे दिव्यांगजन वहां उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे।

दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह का उपयोग शहरी विकास नीतियों में होगा 

इन स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो “यस टू एक्सेस” एप पर अपलोड कर सकेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि यह सुगम्य यात्राएं प्रत्येक जिले में 2-4 दिन तक आयोजित की जायेगी। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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