
मध्यप्रदेश में जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था सिर्फ सरकारी दावों और विज्ञापनों में बेहतर दिखाई देती है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ICU और वेंटिलेटर जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि सुप्रीम कोर्ट को भी राज्यों को आईसीयू व्यवस्था सुधारने और न्यूनतम मानक लागू करने के निर्देश देने पड़े हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राजगढ़ के 300 बेड वाले अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सों की कमी है। नागदा में ICU यूनिट स्टाफ के अभाव में वर्षों से बंद पड़ी है। हरदा में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए आईसीयू का समुचित उपयोग नहीं हो रहा, जबकि इंदौर में अस्पताल निर्माण वर्षों से अधूरा है। उन्होंने खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फायर एग्जिट जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने और भोपाल के जयप्रकाश अस्पताल में आईसीयू के पास शौचालय से संक्रमण के खतरे को भी गंभीर लापरवाही बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दो दशकों की भाजपा सरकार में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद आईसीयू में पहुंच चुकी है। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार प्रचार और उपलब्धियों के दावों में व्यस्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता और सुरक्षित आईसीयू सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं निर्देश
बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ICU व्यवस्था बेहतर बनाने, न्यूनतम मानक लागू करने और इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रदेश के कई जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर आईसीयू यूनिट होने के बावजूद प्रशिक्षित स्टाफ, विशेषज्ञ डॉक्टर, सुरक्षा इंतजाम और संक्रमण नियंत्रण जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर मरीजों के इलाज में आईसीयू की भूमिका सबसे अहम होती है और ऐसे में संसाधनों और स्टाफ की कमी सीधे मरीजों की जान पर असर डाल सकती है।
मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भाजपा सरकार के दावों की तरह सिर्फ कागज़ों में ही “बेहतर” है।
प्रदेश के ज्यादातर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ICU और वेंटिलेटर जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है।
प्रभावित सुविधाओं के कारण सुप्रीम कोर्ट तक को राज्यों को ICU व्यवस्था…— Umang Singhar (@UmangSinghar) May 20, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

