मध्यप्रदेश में सड़क पर उतरे हजारों किसान: कमलनाथ बोले ‘सरकार संवेदनहीन’, किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि खेती-किसानी पर आधारित प्रदेश में किसान ही सबसे ज्यादा असुरक्षित, सबसे ज्यादा परेशान और सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पीड़ित है, प्रताड़ित है और अपनी ही सरकार से न्याय मांगने को मजबूर है लेकिन सरकार को किसानों की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है।
Madhya Pradesh Farmers

Kamal Nath

मालवा-निमाड़ अंचल में किसानों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा और वो सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को बड़वानी, धार, खरगोन और खंडवा जिलों के हजारों किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी बनाने, कर्जमाफी सहित अन्य मांगों को लेकर मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। इसे लेकर अब कमलनाथ ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से वार किया कि उन्हें किसानों की पीड़ा क्यों दिखाई नहीं देती है? अगर घंटों तक हाईवे बंद कर हजारों किसान सड़क पर उतर आते हैं और तब भी सरकार का दिल नहीं पिघलता तो ये स्पष्ट रूप से उसकी संवेदनहीनता है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के रूप में उनके छोटे से कार्यकाल में किसानों के हित के लिए जो काम हुए वह किसी सरकार के लिए मिसाल बन सकते हैं।

किसानों का आंदोलन, कमलनाथ ने सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश में किसान एक बार फिर आंदोलन की राह पर है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले हुए इस आंदोलन में हजारों किसान शामिल हुए। धार जिले के खलघाट में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौपा है। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया इसलिए अब सड़क पर उतरना मजबूरी बन गई है। किसानों के इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है और उसे संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा कि ‘बीजेपी शासन में किसान फिर से उसी अंधेरी खाई में धकेल दिए गए हैं जहां सिर्फ ऋण, भय, उत्पीड़न और निराशा है। किसान पीड़ित है, प्रताड़ित है और अपनी ही सरकार से न्याय मांगने को मजबूर है। यह शर्म की बात है कि खेती-किसानी पर आधारित प्रदेश में किसान ही सबसे ज्यादा असुरक्षित, सबसे ज्यादा परेशान और सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है।’

बीजेपी सरकार से की किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग  

कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मेरा कार्यकाल छोटा-सा भले रहा हो, लेकिन उसमें किसानों के लिए जो काम हुए, वह किसी सरकार के लिए मिसाल बन सकते हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि ‘कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश में 27 लाख किसानों की कर्जमाफी हुई थी। उस कर्जमाफी ने किसानों के सिर से बोझ हटाया था, आत्महत्याएं बंद हुई थीं, गांवों के चेहरे पर मुस्कान लौटी थी और खेत–खलिहानों में खुशहाली की लहर थी।’ उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्हें किसानों की तकलीफ नजर क्यों नहीं आती है। कमलनाथ ने कहा कि किसानों का आशीर्वाद और विश्वास जीवनभर साथ देता है।  किसानों से जुड़ी हर मांग न्यायपूर्ण है, वैध है और तत्काल समाधान चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को अब चुनना होगा कि उसे अपनी कुर्सी बचानी है या किसानों के हितों की रक्षा करनी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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