मप्र में 15 जून तक दस्तक दे सकता है मानसून, दो दिन बाद तेज बारिश के आसार

मप्र में 15 जून तक दस्तक दे सकता है मानसून, दो दिन बाद तेज बारिश के आसार

भोपाल| दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) लगातार आगे बढ़ रहा है। जिसके चलते प्रदेश में मानसून पूर्व की गतिविधियां तेज हो रही है| बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के बीच प्रदेश में मानसून तय समय पर आ सकता है| जबलपुर, (Jabalpur) भोपाल (BHopal) इंदौर (Indore) और उज्जैन संभाग (Ujjain Division) के जिलों में 10 या 11 जून से तेज बौछारें पड़ने का दौर शुरू होने के आसार हैं| इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा (Rain) भी हो सकती है। 15 जून के आसपास प्रदेश में मानसून भी दस्तक दे सकता है।

केरल में एक जून को मानसून के दस्तक देने के बाद यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सिस्टम से अच्छी बरसात होने की संभावना है। अभी मानसून कर्नाटक, रायलसीमा के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के अधिकांश क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। जल्द ही मानसून महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में प्रवेश करने की संभावना है। हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी होने के कारण अरब सागर से बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इससे प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं।

10 जून से एक और सिस्टम होगा सक्रिय

आने वाले दिनों में इंदौर, उज्जैन. भोपाल, होशंगाबाद, संभाग में कहीं-कहीं भारी बरसात भी हो सकती है। बरसात का यह दौर रुक-रुक कर दो-तीन दिन तक जारी रह सकता है। इस दौरान मानसून दस्तक दे सकता है| 10 जून के बाद प्रदेश में अच्छी बरसात का दौर शुरू होने के आसार हैं| जबलपुर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में इस सिस्टम से अच्छी बरसात होगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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