MP विधानसभा में गूंजा केन-बेतवा परियोजना का मुद्दा, उमंग सिंघार ने किए सवाल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक माह में जांच का आश्वासन दिया

नेता प्रतिपक्ष ने मुआवजे में अनियमितताओं का आरोप लगाया। जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि शिकायतों के बाद नया सर्वे कराया गया है और अतिरिक्त परिवारों को भी लाभ स्वीकृत किया गया है।
Umang Singhar

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मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा गूंजा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि परियोजना से प्रभावित कई परिवार अब भी मुआवजे और पुनर्वास के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने इस मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

इसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि पन्ना जिले में परियोजना के तहत 7 गांवों के 1321 परिवारों का विस्थापन किया गया है। इसके अलावा 8 गांवों में 644 खातेदारों की 1699 किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ है। वहीं छतरपुर जिले के बिजावर अनुभाग के 14 गांवों में 3718 परिवार भूमि अधिग्रहण और विस्थापन से प्रभावित हुए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की एक माह में पूरी जांच कर निराकरण का आश्वासन दिया है।

उमंग सिंघार ने किया सवाल

विधानसभा के प्रश्नकाल में केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना को लेकर उमंग सिंघार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कई परिवारों को मुआवजा न मिलने और करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया।

मंत्री करण वर्मा ने दी जानकारी

इस मुद्दे पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार पन्ना और छतरपुर में कोई भी परिवार मुआवजे से वंचित नहीं है। हालांकि पन्ना जिले में कुछ किसानों ने कुछ परिवारों के छूट जाने और पुनर्वास लाभों के वितरण में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इन शिकायतों के बाद ताजा सर्वे कराने के लिए एक दल गठित किया गया और इस साल 25 अप्रैल को सर्वे कराया गया। उन्होंने बताया कि पहले 3080 परिवारों को पुनर्वास लाभ के लिए स्वीकृति दी गई थी। नए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर 638 अतिरिक्त परिवारों को भी राशि स्वीकृत की जा चुकी है। यदि कोई अन्य ग्रामीण दावा प्रस्तुत करते हैं तो उसका परीक्षण कर पात्र पाए जाने पर मुआवजा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निवारण का आश्वासन दिया

सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की जिसपर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर रखने का आश्वासन दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है या कोई पात्र परिवार मुआवजे से छूट गया है तो सरकार सभी मामलों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर जांच पूरी कर सभी शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश की केन नदी के अतिरिक्त जल को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी में पहुंचाकर बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता को बढ़ाना है। परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा दौधन बांध के निर्माण से जुड़ा है जिसके कारण मध्यप्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों के कई गांव डूब क्षेत्र में आए हैं। इसी वजह से हजारों परिवारों का पुनर्वास, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर लगातार कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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